वृद्ध आश्रम

651 Words
एक बात पूछनी है आपसे पूछले क्या? यह काम आप करते रोज है क्या? यह आपकी कोई नई खोज है क्या ? मां - बाप बच्चों के लिए बोझ है क्या?🤔😔 उनके कंधे नहीं दिखते थे, दूरी कितनी तय की हो उनके कदमों ने, आपकी खुशी के लिए उनके कदम नहीं रुकते थे। बच्चे लेकिन कंधे दुख जाते हैं , बड़ी मुश्किल से वह उनका घर से, शमशान तक पहुंचाते हैं । शर्मिंदगी महसूस होती है , अपने कान और मॉडल दोस्तों के , सामने उनका मन-आप बताने में। डर लगता है इमेज डाउन ना हो, जाए शर्म आती उनको अपनाने में । जब वह आपके लिए दिक्कतें खेलते थे , तभी तो आप उनके पैसों पर खेलते थे। आपसे काम नहीं करते थे , यह सोचकर कि हमारा बच्चा अभी कोमल है । वह सोचते थे बुढ़ापे में , बच्चों के साथ रहेंगे । पर वही बच्चे आज आंखों से , ओझल है। मां-बाप के प्यार में ना कोई छल था, ना कोई छल है। खिलाई है अपने खून - पसीने की, कमाई तभी तो आपके शरीर में , आज बल है । एक रोटी मांगो तो मां चार देती थी , उनके बच्चों को कोई कुछ कह तो दे, वह उनको ही मार देती थी । पर बच्चों ने सिखा दिया, बुढ़ापे में काम के बदले रोटी , कैसे कमाते हैं । अपने बूढ़े मां-बाप को समझा दिया। पाई-पाई जोड़ कर, इकाई बनाया था । मैं बेच गाने पिता ने अपना सुकून गवाया था । लाख सहे अपमान , तब जाकर एक मकान बनाया था । पर आज शायद छोटा पड़ गया, उनका वह बड़ा सा मकान । उनको पता चल गया है , कि उनके बच्चों ने बेच दिया है । अपना ईमान । वह नहीं रख सकते हैं , अपने बूढ़े मां-बाप का ध्यान । यह सोचकर हुए वह एक रोज , बड़े परेशान फिर उनके एक तरीका मिला, अपने मां-बाप को चोट पहुंचाने , का एक नया सलीका मिला , एक फॉर्म भर के उनके बेचैन दिल को, आराम आया वो , "वृद्ध आश्रम "था। जो उनके कठिन समय में , उनके काम आया। उसे रात मां - बाप , को सजा कर खाना दिया। खाते समय , ना कोई ताना दिया। मां बाप को लगा बच्चे , अपनी गलती मान गए हैं । शायद उन्हें समझ आ गया कि, उनसे हुई है बड़ी भूल। पर बच्चों की एक बात ने उनको झक - झोर , दिया बच्चों ने जिंदगी का रुख मोड़ दिया । तिल- तिल करके मर रहे थे, आज उनकी बातों ने उन्हें, पूरी तरह से तोड़ दिया। इस बात को बड़े तरीके से, कहा बच्चों ने इस बात को बड़ी, सलीके से कहा। आप लोग अपना सामान बांध लीजिए, अब आपका यहां गुजारा नहीं है , यह जान लीजिए। सुबह जल्दी उठ जाएंगे , कल चार लोग आएंगे , बड़ी सी गाड़ी में बिठाकर, कहीं और नहीं , "वृद्ध आश्रम "ले जाएंगे । मां-बाप बच्चों के बात मान गए , वह मकान जो उन्होंने बड़े चावल से, बनाया था वह उनका नहीं है। इस बात को जान गए। घर से जाते निराशा मां बाप को एक , आश दिया । अरे ! आते रहेंगे मिलने, बच्चों ने मां-बाप को इस बात का दिलासा दिया। इसी के साथ मां-बाप को, घर से विदा किया।।☹️😔😔💔 अब कुछ लोग हैं जो मौसम की , तरह बदलते हैं। लोग कहते हैं हम ऐसा, नहीं करते हम ऐसा नहीं करते, हम तो अपने मां-बाप से, बहुत प्यार करते हैं । तो आज हमको यह बताइएगा, कि जब सब अपने मां-बाप से, इतना ही प्यार करते हैं , तो भारत में कुल 728 वृद्धा आश्रम, किसकी मेहरबानी से चलते हैं??? 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 अभी भी वक्त है संभल जाओ , वरना संभाल नहीं पाओगे। जब अपने बच्चे सताएंगे, तो किसके पास जाओगे । कल तुम वही काटोगे जो, तुमने पाया है। तब तुम्हें समझ में आएगा, कि तुमने किसी चीज को नहीं, अपने मां-बाप को खोया है।।😥😏😔😔 _ shibbu _
Free reading for new users
Scan code to download app
Facebookexpand_more
  • author-avatar
    Writer
  • chap_listContents
  • likeADD