यह अब प्रमाणित हो गया है कि फूलन देवी का बलात्कार करने वालों में मल्लाह,गुर्ज्जर व दादी ठाकुर ज़ाति के थे जो पिछड़ी व दलित जातियों में गिने जाते है।एक भी बलात्कारी ठाकुर राजपूत नही था।
फूलन देवी ने लाइन में लगाकर जिन 22 लोगों को गोली मारकर हत्या की थी उनमें एक भी ठाकुर राजपूत ज़ाति से नही थे।सारे के सारे दादी ठाकुर ज़ाति के थे जो राजस्थान से पलायन करके बेहमई में आये थे।दादी ठाकुर दलित पिछड़ी जातियों में गिने जाते है।दादी ठाकुरों की शादी अपने गोत्र में होती है जबकि ठाकुर राजपुतों की शादी भारत में कही पर भी अपने गोत्र में नही होती।
जातिवादी नेताओं ने फूलन देवी प्रकरण को ठाकुर राजपूत,मल्लाह ज़ाति को आपस में लड़ाने के लिए इसको ठाकुर बनाम मल्लाह कर दिया ।इधर में वर्षो में इसे कथित सवर्ण बनाम पिछड़ा,बहुजन का विमर्श दे दिया गया जबकि न राजपुतों ने फूलन देवी का बलात्कार किया था न फूलन देवी ने ठाकुर राजपुतों को मारा था।
अब इसी से समझ जाइये की आज़ादी के बाद राजपुतों का हर क्षेत्र में कितना ह्रास हो गया है,राजपूत कितना अफवाह को सच मान लेता है कि वह इस झूठे अफवाह को भी काट नही सका।
भाई Amrendra Rajeshजी