NIGHT

1465 Words
हम देखते है के कार्तिक देव और प्रतीक को जाता देख रहा था और देव के बारे में उसके मन में बहुत सवाल आ रहे थे इतने में उसके फोन पर किसी का मैसेज आया है जब वो देखता है तो वो मैसेज पृथ्वी का था जिसमे वो कह रहा था " ओ मेरे प्यारे और भोले दोस्त कार्तिक तुम कह रहे थे न के में क्या छुपा रहा हु तो सुनो आज तुम्हे पता ही है पार्टी है और हम दोनो के बीच जो भी हुआ है उसे देखते हुए में तो तुम्हारे सामने नहीं आ सकता इस लिए में तुम्हे मैसेज कर रहा हु के में तुम्हे अपनी अपने पार्टी के साथ साथ एक और जगह आने को कहता हु " कार्तिक " दूसरी कोन से जगह ?" पृथ्वी " अरे तुम बहुत जल्द भूल जाते हो यार वही जगह जिस जगह से सब कुछ शुरू हुआ था और आज वो सब समय के साथ खत्म हो जाएगा तुम्हे आज उस ही जगह पर बुलाया जाता है , अगर अब भी पता नहीं चला तो वो जगह जिसके कारण हम आज भी यही पर रहते है जिसके श्राप के कारण हम यहा से नहीं जा सकते तो से पर आ जाना " ( इतना कह कर पृथ्वी मैसेज करना बंद कर देता है ) कार्तिक सोचता है की यह पृथ्वी आज मुझे इस किल्ले में क्यों बुला रहा है ऐसा क्या करने वाला है यह वहा ? दूसरे तरफ हम देखते है के देव को उसके पिता का फोन आता है और देव उस समय वहा पर नहीं था लेकिन प्रतीक वही पर ही था इसलिए वो सोचता है क्यो न में ही फोन उठा लेता हु या की देव के घर वालो को चिंता न हो वो फोन उठा लेता है । ( दूसरे तरफ से देव के पिता के आवाज सुनिए देती है वो आवाज थोड़े चिंता से भरे हुए और कोई राज बाहर न आने जैसे लग रहे थी ) प्रतीक : जी आप कोन बोल रहे है ? पिता : देव तुम्हे जो कहा था वो याद रखना कुछ भी हो जाए कुछ नही बोलना याद रखना बेटे आज तुम्हे सब से ज्यादा संबल कर रहना होगा ! प्रतीक : जी आप देव को किस बात के बारे में कहना चाहते थे और किसी बारे में बात कर रहे है ? देव के पिता को जब पता चलता है के फोन पर कोई और बोल रहा है तब वह हड़बड़ी में फोन काट देते हैं। प्रतीक यह देखकर हैरान हो जाता है कि देव के पिता ने एकदम से फोन क्यों काट दिया और पर किस बारे में बात कर रहे थे इसके बारे में वह बताना नहीं चाहते थे और देव क्या छुपा रहा है मुझसे इसलिए प्रतीक ने सोचा कि वह देव का पीछा करेगा यह देखने सके कि देव क्या बात छुपा रहा है । इतनी देर में देव वहां आ जाता है और वह पूछता है कि किसका फोन था पर प्रति कहता है कि नहीं किसी का फोन नहीं था शायद तुम ऐसे ही सोच रहे हो प्रदीप उससे कहता है कि आज हम काफी संभाल कर रहेंगे ताकि हमें यह पता चल सके कि वहां पर है क्या क्योंकि हमें यह नहीं पता कि किले में क्या हो सकता है। देव उसकी बातों को मजाक में लेते हुए बोलता है कि अगर कुछ भी हुआ तो मैं तुम्हें बचा लूंगा तुम उसकी चिंता मत करो देव के इतनी विश्वास से कहने से प्रतीक थोड़ा सोचता है और उससे कहता है कि तुम इतना विश्वास से कैसे कह सकते हो ? देव थोड़ा हैरान हो जाता है कि अब मैं क्या कहूं उसे अपने शब्दों की माला में कुछ नहीं दिखाई दे रहा था पर उसने उससे कहा कि लोग वैसे ही अंधविश्वास में मानते हैं ऐसा कुछ नहीं होता इसलिए मैंने इतने विश्वास में कहा कि ऐसा अगर वहां पर कुछ हुआ तो मैं तुम्हें बचा लूंगा ? प्रतीक को से कहता है कि तुम बातें तो बहुत बना लेते हो, देव उस से पूछता है कि तुम क्या कह रहे हो प्रतीक उससे कहता है कि कुछ नहीं चलो हम पार्टी के बाद जो हम करने वाले हैं उसकी तैयारी करते हैं देव भी उसकी हां में हां कर देता है। शाम हो जाती है कार्तिक अपने आप को यह सहानुभूति दे रहा था कि इस बार कुछ नहीं होगा और दूसरी तरफ हम देखते हैं कि देव और प्रतीक अपनी तैयारी कर चुके थे। और पार्टी के लिए फार्म हाउस जाने वाली बस भी आ गई थी सभी बच्चे बस में चढ़ जाते हैं और बस चलानी शुरू हो जाती है कुछ ही पल में बस फार्म हाउस पहुंच जाती है, लेकिन फार्म हाउस से पहले जब मुगल किला आया उसे समय देव को कुछ अजीब महसूस होने लगा जैसे उसने यह किला पहले भी देखा है। फिर मैं सोचता है कि वह कभी यहां पर नहीं आया है इसीलिए शायद यह है उसका एक वहम है। सभी बच्चे फार्म हाउस पहुंच जाते हैं और पार्टी शुरू हो जाती है कार्तिक भी पहुंच चुका था पर लेकिन वह पृथ्वी को ढूंढ रहा था कि वह कहां पर है ताकि वह उससे बात कर सके कि वह क्या करने वाला है। वह पृथ्वी को ढूंढने के अलावा देव के ऊपर भी नजर रख रहा था अगर कुछ भी देव के साथ होता है वह अपने आप को जिम्मेदार समझेगा इसीलिए वह पृथ्वी को उसके जो प्लान है उसमें कामयाब नहीं होने देना चाहता था और उसे ढूंढ रहा था। हम देखते हैं कि एकदम से ही पार्टी को रोककर पृथ्वी आता है और वह कहता है कि चलो बच्चों आज एक हॉरर ट्रिप लेकर चलते हैं ताकि आपको यह ट्रिप हमेशा याद रहे, बच्चे बहुत खुश होते हैं पर देव और प्रतीक थोड़ा सोच रहे थे कि एकदम से ही यह पृथ्वी क्या बोल रहा है। पृथ्वी सभी बच्चों को कहता है कि आज हम उसे मुगल के लिए में जाकर पार्टी करेंगे और देखेंगे कि वहां पर कुछ है भी या नहीं या फिर लोग वहां पर ऐसे ही मजाक कर रहे हैं और अंधविश्वास को लेकर बैठ गए हैं। प्रतीक यह सुनकर बहुत खुश होता है क्योंकि वह वैसे भी वहां जाने वाला था अब सभी लोग वहां जा रहे थे इसीलिए अब वह ज्यादा खुश लग रहा था और उसे वहां का डर भी काम हो गया था पर लेकिन प्रतीक इसके उलट दिखाई दे रहा था एक तो प्रतीक को उसकेले के बारे में कुछ याद आ रहा था और उसे अपनी शक्तियों के बारे में भी किसी को नहीं बताना था। पृथ्वी सभी बच्चों को बेहतर है कि वह अकेले में जरूर जाएंगे लेकिन उससे पहले उसे उसे एक बहादुर बच्चे की जरूरत है जो पहले उसके साथ जाएगा यह देखने के लिए कि वहां पर कुछ है या नहीं अगर वहां पर कोई खतरा होता है तो वह वहां नहीं जाएंगे। सभी बच्चे डर जाते हैं और पीछे चले जाते हैं लेकिन वहां पर देव अकेला खड़ा था और वैसे भी पृथ्वी का जो प्लान था वह देव को लेकर ही था इसीलिए वह देव से कहता है कि तुम चलोगे मेरे साथ। देव पहले मना कर रहा था लेकिन उसे अपने अंदर एक तरह की जिज्ञासा महसूस हो रही थी यह जानने के लिए कि उसे किले का उससे क्या संबंध है इसलिए वह वहां जाकर एक बार देखना चाहता था फिर वह वहां जाने के लिए पृथ्वी के साथ मान जाता है , पृथ्वी से कहता है कि हम दोनों वहां पर 12:00 बजे जाएंगे देव थोड़ा घबरा जाता है क्योंकि उसे अब थोड़ा डर लग रहा था लेकिन उससे यही पता था कि उसके बाद शक्तियां है और वह अपने आप को बचा लेगा इसीलिए वह ज्यादा आना कहानी नहीं करता है। (प्रतीक अपने मन में यह सोच रहा था कि अगर वहां पर देव अकेला गया तो यह वहां पर कुछ भी कर सकता है पृथ्वी के साथ क्योंकि कुछ तो है जो यह छुपा रहा है इसलिए मुझे यह देखना होगा कि वहां पर यह अकेला क्या करता है अगर यह कुछ जानता होगा और अगर इसके पास कुछ शक्तियां होगी मेरी तरह तो मैं जान सकूंगा इसीलिए वह सोचता प्रतीक अपने दिमाग में सोचता है कि मैं भी इन दोनों के पीछे-पीछे जाऊंगा) (कार्तिक को थोड़ा बहुत पृथ्वी का प्लान समझ आ गया था इसलिए वह भी सोचता है कि वह इन दोनों के पीछे-पीछे जाएगा और जब देखो कोई खतरा होगा तब वह उसे बचा लेगा ताकि उसके नियम हर बार की तरह न टूटे) (पार्टी में एक तरफ बच्चे काफी ज्यादा शोर मचा रहे थे और मस्ती कर रहे थे लेकिन यहां पर कुछ लोग थे जो की काफी ज्यादा परेशान और उलझे हुए लग रहे थे जो की और कोई नहीं कार्तिक प्रतीक और देव थे जो कि पृथ्वी के इरादों से अनजान थे) To be continued........
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