THE PLAN

1075 Words
पिछले भाग में... कार्तिक की आंखें देव और प्रतीक का पीछा करती रहीं, लेकिन उसके मन में असली सवाल पृथ्वी को लेकर थे। तभी पृथ्वी का एक रहस्यमयी मैसेज आता है—वह उसे उसी किले में बुलाता है जहाँ से सब कुछ शुरू हुआ था। उधर प्रतीक एक अनजाने फोन कॉल से देव के छिपे हुए सच को लेकर परेशान हो जाता है। देव का पिता कुछ छुपा रहा है, प्रतीक को शक होने लगता है कि देव उससे कोई बहुत बड़ा राज छुपा रहा है। पार्टी के बहाने सभी फार्म हाउस पहुँचते हैं, लेकिन असली कहानी शुरू होती है जब पृथ्वी सबको "हॉरर ट्रिप" के नाम पर उसी मुगल किले में ले जाना चाहता है। अब सवाल ये है— क्या पृथ्वी का प्लान कुछ और ही है? क्या देव वाकई कुछ छुपा रहा है? और क्या प्रतीक और कार्तिक समय रहते सच जान पाएंगे? अब आगे हम देखते हैं कि पृथ्वी घड़ी की ओर देखकर हंसने लग जाता है और उसकी इसी गहरी हंसी में वह देव को कहता है कि देव 12 बज चुके हैं और हमारा महल किल्ले में जाने का समय हो गया है तो चले ? देव बोलता है कि सर मुझे कुछ समय के लिए सोने दे। (देव थोड़ा घबराया महसूस हो रहा था अब पसीने से भर गया था क्योंकि उसे एक अजीब डर सता रहा था पर वह मान जाता है और पृथ्वी के साथ महल की ओर चल पड़ता है) हम देखते हैं कि पृथ्वी और देव को जाता देख प्रतीक बोलता है कि मुझे भी आज देव का पीछा करना होगा यह जानने के लिए कि वह क्या छुपा रहा है और इसी कारण से वह भी उसके पीछे छुप कर चला जाता है प्रतीक को जाता देख कार्तिक हैरान होता है कि यह क्यों इनका पीछा कर रहा है आखिर अब यह प्रतीक क्या चाहता है ? (कार्तिक सोचता है कि शायद देव की चिंता के कारण उसका दोस्त प्रतीक उसके पीछे जा रहा है पर कार्तिक को थोड़ा अजीब लगता है कि ऐसे छुपाकर वह क्यों जा रहा है ज्यादा ना सोते हुए कार्तिक भी उनका पीछा कर देता है क्योंकि वह पृथ्वी को उसके इरादों में कामयाब नहीं होने देना चाहता था ) (किला रात के घर अंधेरे में ऐसे छिपा था जैसे वह दोनों एक ही है , देव जब किले की ओर देखता है , उसे ऐसा लगने लगता है कि जैसे वह इस किले में पहले भी आया हुआ है उसके सिर में जोर से दर्द शुरू हो जाता है और वह पृथ्वी से कहता है कि सर शायद ही मैं किल्ले तक पहुंच सकूं) पृथ्वी यह सुनकर थोड़ी देर के लिए कुछ सोचता है क्योंकि वह अपना प्लान खराब नहीं होने देना चाहता था, इसीलिए वह उसे सहानुभूति देते हुए किले तक ले आता है और उसे किले के अंदर ले जाता है वहां वह उसे कहता है कि देव तुम यहां पर कुछ समय के लिए रुको मैं तुम्हारे लिए कुछ आरामदायक जगह देखता हूं यह कहकर पृथ्वी वहां से चला जाता है। (किला अंदर से और भी डरावना लग रहा था मानो कि वह देव को अकेला देकर उसे खा जाएगा और इस घने अंधेरे में कहीं देव गुम हो जाएगा) अकेला खड़ा देव थोड़ा घबरा रहा था एकदम से ही उसे अपने पीछे से आवाज आने लगती है और जैसे ही वह पीछे देखा है तो उसे वहां पर पृथ्वी उसकी और एक चाकू लेकर आता दिखाई देता है वह यह देखकर हैरान हो जाता है कि पृथ्वी उसकी और चाकू क्यों लेकर आ रहा है और वह पृथ्वी को धक्का देकर किल्ले में छुप जाता है। पृथ्वी जब उठना है तब वह गुस्से में देव को कहता है कि तुम्हारा इस जगह पर कहीं भी छुप जाओ मैं तुम्हें ढूंढ ही लूंगा आखिर तुम भी यहां से ही हो कितनी दूर तक तुम जा सकते हो आज तो तुम्हारी शक्तियां मैं लेकर अपने आप को आजाद और सबसे ताकतवर कर लूंगा , यह कहकर पृथ्वी जोर जोर से हंसने लग जाता है। दूसरी तरफ हम देखते हैं कि पृथ्वी किले के बाहर पहुंच चुका था और जैसे ही वह अकेले के अंदर जाने लगता है तब वह इसमें असमर्थ हो जाता है किले की ऊपर एक कवच लगा हुआ था यह देखकर पृथ्वी थोड़ा हैरान होता है कि इतने पुराने किले में यहां पर कवच कैसे आया ? (किल्ले के ऊपर लगे कवच से एक बहुत ही गुस्से से भरी आवाज आती है जो जो प्रतीक को कहती है कि तुम अंदर नहीं जा सकते क्योंकि तुम्हारी वजह से ही इस कवच की उत्पत्ति हुई है और तुमने ही कहा था कि हम यहां नहीं रह सकते और तुम्हारे ही दिए गए श्राप को आज तुम क्यों तोड़ने आए हो ?) (प्रतीक थोड़ा हैरान हो जाता है यह सोचकर कि कौन से श्राप की बात यह कर रहा है , और वो श्राप मुझसे कैसे जुड़ा हुआ है ?) प्रतीक कवच से पूछता है कि तुम यह क्या कह रहे हो मैं किसी को कोई भी श्राप नहीं दिया है और तुम कौन से श्राप की बात कर रहे हो ? कवच उससे कहता है कि देखो आज तुम्हें ही नहीं पता कि तुमने कौन सा श्राप और कौन सी बातें कही थी उस दिन । प्रतीक कोनसा दिन ? कब ? कवच उससे पूछता है कि तुम किस वंश से हो ? प्रतीक कवच से कहता है कि मैं काल केतु वंश से हू। कवच उससे कहता है तू तुम अब कहां रहते हो उसे दिन तुम कह रहे थे कि आज से मै इस किल्ले को छोड़ दूंगा। (प्रतीक को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था ) वह कवच से कहता है कि मुझे मेरी बातों के बारे में कुछ याद नहीं है तो कृपया मुझे जाने दो अंदर । कवच उससे कहता है कि मैं तुम्हें किसी भी हालत में अंदर नहीं जाने दे सकता तुम्हें पहले तुम्हारी बातों के बारे में ज्ञात होना चाहिए अगर तुम्हें इन बातों के बारे में नहीं पता तो तुम जाकर अपने पूर्वजों से पूछो अपने मां-बाप से पूछो कि कौन सा किला कौन से दिन उन्होंने छोड़ा था । ( यहीं से ही सीन fade होना शुरू हो जाता है और कुछ सवाल छोड़कर चला जाता है जैसे -कौन सा शराब जो कि प्रतीक से जुड़ा हुआ है ? और वह के ला पृथ्वी की आजादी को क्यों रोक रहा है ? और पृथ्वी को आजाद होने के लिए देव की शक्तियों की क्या जरूरत है? ...... ) To be continued.......
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