SAAACH AUR SHAK

1494 Words
हम देखते है की कार्तिक पृथ्वी से देव के बारे में पूछता है वो कहता है के उसने देखा के देव किस्से से फोन पर बात कर रहा था और जब उसने फोन काटा तो वो थोड़ा परेशान लग रहा था पता नही क्यों मुझे ऐसा लगता है जैसे के देव कुछ जानता है शक्तियों के बारे में पर पृथ्वी उसे कहता है के शाम को तुम्हे सब पता चल जायेगा यह सुनकर कार्तिक वहा से गुस्से में चला जाता है । दूसरे तरफ देखते है के प्रतीक यह देखना चाहता है के मुगल किले में कोन लोग रहते है और क्यों कोई वहा नही जाता इस लिए उसने देव को कहा क्यों ना हम वहा घूम कर आए पार्टी के बाद देव पहले तो मना कर देता है पर वो सोचता है के कुछ देर के लिए में भी घूम लेता हु तो वो मान जाता है , प्रतीक उसे से कहता है के देव तुम्हे पता है के लोग कहते है के वहा पर खतरा है हम दोनो देखने जाएंगे के कोन सा खतरा है। ( दरअसल बात यह थी के प्रतीक ने सोचा के उसके पास तो शक्तियां है तो वो देव को बचा लेगा अगर कुछ हुए और देव भी कुछ ऐसा ही सोच रहा था ) स्कूल का समय हो गया था इसलिए वो दोनो स्कूल के लिए निकल जाते है रास्ते में देव प्रतीक से कहता है । " प्रतीक अगर तुम्हे कोई कहे के जादू सच में होता है तो क्या तुम उसे मानोगे ?" यह बात सुनकर प्रतीक पसीने से भर जाता है उसे उसे अपना सच सामने आ जाने का खतरा महसूस होने लगता है , वह सोचता है कि "आखिर क्यों देव मुझे ऐसी बात कर रहा है कहीं उसे मुझ पर शक तो नहीं हो गया ?" प्रतीक बात को संभालते हुए कहता है कि अगर आज शाम को वहां किले में कोई तो दिखाई दिया जिसके पास जादू होगा तो मैं मान लूंगा और ऐसा कहते ही वह हंसने लग जाता है, देवकोष की बात का जवाब कुछ उसके मन के अनुसार नहीं मिला जिसके कारण उसने सोचा कि यह मेरी बातों को इतना ध्यान से नहीं ले रहा इसलिए उसने भी अपनी बात को टाल दिया। इतने में वह दोनों स्कूल पहुंच गए और अपनी कक्षा में जाकर बैठ गए । (कैंप के स्कूल का पहला दिन था सभी बच्चे काफी ज्यादा कुछ थे और पार्टी के कारण तो और भी ज्यादा खुश थे बच्चे तो जल्द ही स्कूल से निकलना चाहते थे ताकि वह पार्टी में मजे कर सकें देव कुछ परेशान सा लग रहा था वह सोच रहा था कि उसके पिता ने उसे क्यों कहा कि उसे संभल कर रहना चाहिए ?) प्रदीप देव से कहता है कि " दोस्त आज तुम इतने गुमसुम क्यों लग रहे हो कल तो तुम बहुत ज्यादा बोल रहे थे लेकिन आज क्या तुम्हें हो गया है सुबह से परेशान ही दिखाई दे रहे हो तुम्हें क्या घर वालों की याद आ रही है ? या फिर तुम कभी अपने घर से दूर रहे नहीं ?" देव कुछ पल के लिए अपने मन में सोचता है , "कि मैं अपनी परेशानी का कारण प्रतीक को बता देता हूं फिर उसे अपने पिता की बात बातें याद आ जाती है जिसके कारण वह यह विचार टाल देता है और कहता है कि नहीं बस ऐसे ही तुम बताओ तुमने क्या सोचा है आज पार्टी के बाद किले में जाकर तुम क्या करोगे ?" प्रतीक कहता है "कि बस में यह देखना चाहता हूं कि लोग कितने अंधविश्वास मैं डूबे हुए हैं और अगर वहां पर कुछ हुआ भी तो" (इतने में कार्तिक कक्षा में बच्चों को पढ़ने के लिए आ जाता है और प्रतीक की बात बीच में रह जाती है देव थोड़ा जिज्ञासा से भरा लग रहा था क्योंकि वह जाना चाहता था कि प्रतीक क्या कह रहा है) कार्तिक बच्चों से कहता है कि "बच्चों आज तुम्हारा पहला दिन है इसीलिए आज कुछ पढ़ाई नहीं होगी आज हम सिर्फ आपके बारे में जानेंगे और आज तो सारा दिन वैसे भी आपको मत मस्ती ही करनी है क्योंकि स्कूल के बाद पार्टी होगी तो आज का दिन ऐसे ही निकल जाएगा इसलिए मैं आप सभी के बारे में जानना चाहता हूं।" (सभी बच्चे खुश हो जाते हैं यह जानकारी की आज कोई पढ़ाई नहीं होगी और कक्षा में बहुत ज्यादा शोर मच जाता है कार्तिक बच्चों को शांत कराकर हर एक से उसके बारे में पूछना शुरू कर देता है) कार्तिक उन बच्चों से कुछ सवाल पूछता है जो की थे उनका नाम वह कहां से हैं उनके पिता का नाम और वह किस वंश से है। (बच्चों को कार्तिक के सभी सवाल ठीक लग रहे थे पर वंश का सवाल थोड़ा अजीब लग रहा था पर फिर भी बच्चे बिना कुछ कहे उसका जवाब दे देते हैं) (देव और प्रति दोनों वंश के सवाल से थोड़ा परेशानी में थे वह शायद यह सोच रहे थे कि वह क्या कहेंगे क्योंकि अगर कार्तिक को पता होगा उनके वंश के बारे में तो वह आगे भी और जानकारी इकट्ठा करेगा और वैसे भी देव के पिता और प्रति के भाई ने उसे कहा था कि उन्हें अपनी शक्तियों को छुपा कर रखना है और इस जगह पर तो बिल्कुल भी नहीं इस्तेमाल करना है) अब देव का नंबर होता है सवालों के जवाब देने का और वह सभी सवालों के सही उत्तर दे देता है पर जब वंश वाला सवाल पूछा जाता है तो देव थोड़ा रुक जाता है और वह पसीने से भर जाता है वह वंश वाले सवाल को टालने के लिए कार्तिक से शौचालय जाने की आज्ञा मांगता है , कार्तिक को इस समय देव पर थोड़ा शक हो रहा था लेकिन वह क्या कर सकता था उसने उसे जाने की आज्ञा दे दी और देव वहां से चला जाता है। अब समय था प्रतीक का प्रतीक ने पहले ही सोच रखा था कि वह वंश वाले सवाल का गलत जवाब देगा इसलिए वह उसका गलत उत्तर देकर बैठ जाता है और कार्तिक को भी प्रदीप थोड़ा अजीब नहीं लग रहा था और उससे ना ही उसे पर कोई शक था लेकिन कार्तिक के शक के दायरे में देव आ चुका था और कार्तिक यह जानना चाहता था कि " क्या जानता है देव ?" देव के वंश वाले सवाल को टालने के बाद प्रतीक भी थोड़ा उसे पर शक करा था उसे यह सकता कि कहीं यही वह नहीं जिससे उसके लोग उसे सतर्क होने को कह रहे थे ? प्रतीक ने सोचा कि वह इसके बारे में देव से बात करेगा ताकि वह (प्रतीक ) अपने ही दोस्त पर शक ना करें । इसीलिए कक्षा के बाद प्रतीक देव के पास जाता है और उससे पूछता है कि आखिर तुमने वंश वाले सवाल पर शौचालय जाने के लिए क्यों कहा तुम उसका जवाब दे सकते थे लेकिन तुमने क्यों नहीं बताया ? देव थोड़ा परेशान हो गया क्योंकि एक तो वह नहीं चाहता था कि वह अपने वंश के बारे में उसे बताएं लेकिन प्रतीक के शक से बाहर निकालने के लिए वह उसे अपने वंश का नाम बता देता है जिसका नाम था रूद्रांता वंश । प्रतीक को भी उसे वंश के बारे में कुछ नहीं पता था लेकिन वह से कहता है "देव तुम्हारा वंश तो काफी ज्यादा पौराणिक वंश की तरह लग रहा है पर मुझे क्या तुम्हारा वंश पर तुमने यह बात कर को क्यों नहीं बताई ?" (देव के ऊपर प्रश्नों का सैलाब उमड़ पड़ा था वह अपने आप को इस तालाब से बाहर निकालने के लिए कहता है कि) "मुझे शौचालय जाना था और मैंने इसीलिए उसे बात को टाल दिया , और तुम्हें भी पता है कि शौचालय जाना कितना जरूरी होता है। प्रतीक यह सुनकर हंस पड़ता है और वहीं पर जोर-जोर से हंसने लग जाता है देव भी उसके साथ हंसने लग जाता है आखिर वह बहुत ही मुश्किल से प्रतीक के प्रश्नों के सैलाब से बाहर निकाला था। (वह दोनों स्कूल के बाद वापस अपने हॉस्टल में आ जाते हैं और पार्टी के लिए तैयार होना शुरू कर देते हैं) दूसरी तरफ देखते हैं कि एक कमरे खिड़की की ओर देखता हुआ देव और प्रतीक को जाता देख रहा था और उन्हें देखते-देखते वह सोच रहा था " आखिर क्या है जो यह लड़का देव हमसे छुपा रहा है पहले तो मुझे इस पर शक था लेकिन अब मुझे इस पर विश्वास हो गया है कि कुछ तो है जो यह जानता है और किसी के कहने पर यह उसे बात को कहने से रुक जाता है, और पृथ्वी को भी इस बात का पता है कि वह देव क्या छुपा रहा है इसीलिए वह मुझे वह बात नहीं बता रहा" ( कार्तिक के दिमाग में बहुत सारे सवाल आ रहे थे जो की देव के बारे में थे की कौन है वह लड़का ? और वह यहां क्या करने आया है ? क्या उसका यहां आना एक कोइंसिडेंस है ?या फिर एक साजिश ? और पृथ्वी का उससे क्या लेना देना है ? ) To be continued......
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