जब लड़की प्यार में होती है और लड़का कदर नहीं करता
यह कहानी उस दिल की है, जो किसी के लिए धड़कता है, लेकिन सामने वाला उसकी भावनाओं को समझ नहीं पाता। जब लड़की पूरे दिल से किसी लड़के से प्यार करती है, तो वह उसे भगवान की तरह मानती है। उसकी हर खुशी, हर गम में उसका साथ देना चाहती है। लेकिन जब वह लड़का उसकी भावनाओं की कद्र नहीं करता, तो उसका दिल टूटकर बिखर जाता है।
पहला हिस्सा:
लड़की ने अपनी पूरी दुनिया उस लड़के में देखी थी। वह उसकी हर बात को मानती, उसकी हर खुशी के लिए अपने अरमान कुर्बान कर देती। लेकिन लड़का, उसकी भावनाओं की गहराई को समझने के बजाय उसे अनदेखा करता।
सायरी:
“मैंने तुझमें रब देखा,
तूने मुझे अनदेखा।
जिस दिल में तेरा बसेरा था,
तूने वही दिल तोड़ दिया।”
दूसरा हिस्सा:
लड़की हर बार सोचती थी कि शायद आज लड़का उसे समझेगा। लेकिन हर बार उसे सिर्फ उपेक्षा और बेरुखी ही मिली। वह उसके दर्द को महसूस नहीं कर सका, और लड़की अंदर ही अंदर टूटती रही।
सायरी:
“तेरे लिए मेरी दुआएं थीं,
तेरे बिना मेरी अधूरी सदाएं थीं।
तूने जो दिया, वो दर्द सह लिया,
पर तेरी बेरुखी ने मुझे मार दिया।”
तीसरा हिस्सा:
जब प्यार में कद्र न मिले, तो वो प्यार जख्म बन जाता है। लड़की ने फैसला किया कि अब वह अपनी खुद की कद्र करेगी। उसने खुद को मजबूत किया और उस रिश्ते से बाहर निकली, जिसने उसे सिर्फ दर्द दिया।
सायरी:
“जिसे मैं भगवान समझती रही,
उसने मुझे इंसान तक न समझा।
अब मैं खुद की पूजा करूंगी,
तेरे जैसे को भूल जाऊंगी।”
भावनाओं का निष्कर्ष:
जब किसी की कद्र न हो, तो उस रिश्ते से बाहर निकलना ही सही है। प्यार में इज्जत और परवाह जरूरी है। अगर ये न मिले, तो वह प्यार सिर्फ जख्म बनकर रह जाता है।
सायरी:
“दिल टूटे तो मत रोना,
खुद को संभाल लेना।
प्यार अगर सच्चा न हो,
तो उसे अलविदा कह देना।”
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" RUCHI TIWARI "