Real and Fake love

651 Words
कहानी: अधूरी मोहब्बत और झूठा प्यार यह कहानी है शुभ, पूजा और रूही की, जिनके बीच के रिश्ते, भावनाएं, और धोखे के ताने-बाने ने उनके जीवन को बदल कर रख दिया। शुभ और पूजा की कहानी शुभ एक साधारण और ईमानदार लड़का था, जो दिल से किसी को अपना बनाता तो उसे पूरी तरह निभाने की कोशिश करता। कॉलेज के दिनों में उसकी मुलाकात पूजा से हुई। पूजा सुंदर, आत्मविश्वासी, और खुशमिजाज लड़की थी। शुभ ने पहली बार उसे देखा तो उसके दिल में पूजा के लिए प्यार जाग गया। शुभ ने पूजा के लिए हर वो कोशिश की, जिससे वह खुश रह सके। दोनों का रिश्ता गहरा होता गया, शुभ ने पूजा को अपने जीवन का अहम हिस्सा मान लिया। लेकिन पूजा का प्यार सच्चा नहीं था। वह शुभ के इमोशन्स के साथ खेल रही थी। धोखा: एक दिन शुभ को पता चला कि पूजा का किसी और लड़के के साथ रिश्ता है। शुभ का दिल टूट गया। उसने पूजा से सवाल किया, लेकिन पूजा ने बेपरवाह होकर रिश्ता खत्म कर दिया। शुभ को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस लड़की को उसने भगवान की तरह माना, उसने उसे धोखा दिया। शुभ का दर्द और बदले की भावना पूजा के धोखे के बाद शुभ के दिल में गहरा दर्द और गुस्सा था। वह प्यार पर से भरोसा खो चुका था। उसने खुद से वादा किया कि अब कभी किसी से सच्चा प्यार नहीं करेगा। लेकिन दिल में बदले की भावना ने घर कर लिया। रूही की मासूमियत रूही एक सीधी-सादी और मासूम लड़की थी, जो बचपन से शुभ को पसंद करती थी। वह बचपन से शुभ को अपना भगवान मानती थी। जब भी उसे कोई मुश्किल आती, वह शुभ को याद करती। लेकिन शुभ को रूही की भावनाओं का अंदाजा नहीं था। शुभ का झूठा प्यार एक दिन शुभ ने सोचा कि वह रूही को अपने प्यार के जाल में फंसा कर पूजा के दिए दर्द का बदला लेगा। उसने रूही से नज़दीकियां बढ़ानी शुरू कीं। शुभ ने रूही से मीठी-मीठी बातें कीं और उसे यकीन दिलाया कि वह भी उससे प्यार करता है। रूही, जो पहले ही शुभ से प्यार करती थी, उसकी बातों पर भरोसा कर बैठी। रूही का समर्पण रूही ने शुभ को अपने जीवन का हिस्सा मान लिया। उसने शुभ के लिए अपनी हर खुशी कुर्बान कर दी। अपने परिवार और दोस्तों के खिलाफ जाकर भी वह शुभ के साथ खड़ी रही। उसे लगता था कि उसका प्यार सच्चा है और शुभ भी उससे उतना ही प्यार करता है। सच्चाई का खुलासा एक दिन रूही को शुभ के असली इरादों का पता चला। शुभ ने खुद रूही को बताया कि वह सिर्फ बदले के लिए उससे प्यार का नाटक कर रहा था। रूही को यकीन नहीं हुआ कि जिस इंसान को उसने भगवान माना, वही उसे धोखा दे सकता है। उसका दिल बुरी तरह टूट गया। रूही का दर्द रूही ने खुद को पूरी तरह अकेला महसूस किया। वह सोचने लगी कि क्या उसका प्यार कभी सच्चा था। लेकिन उसने खुद को कमजोर नहीं होने दिया। उसने समझा कि खुद से प्यार करना सबसे जरूरी है। शुभ का पछतावा रूही के दूर जाने के बाद शुभ को एहसास हुआ कि उसने कितनी बड़ी गलती की है। उसने पूजा के धोखे का बदला एक मासूम लड़की से लिया। उसे महसूस हुआ कि रूही का प्यार सच्चा था। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी। निष्कर्ष इस कहानी का अंत यह सिखाता है कि प्यार में बदले की भावना रखने से केवल दर्द ही मिलता है। सच्चा प्यार केवल वही है, जो बिना शर्त हो। धोखा और झूठ से किसी का दिल जीतना संभव नहीं। शुभ ने अपना सच्चा प्यार खो दिया और रूही ने खुद को मजबूत बनाना सीख लिया। यह कहानी सच्चाई, भरोसे और आत्म-सम्मान की अहमियत को समझने का संदेश देती है। By . . . . . . . . . . . . . . . . ! " RUCHI TIWARI "
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