रूही और शुभ की कहानी
रूही एक सीधी-सादी लड़की थी, जिसे शुभ से बेइंतहा प्यार था। उसने शुभ को अपना भगवान मान लिया था। वो हर पल उसके लिए जीती थी, उसके हर दुख और खुशी में साथ खड़ी रहती थी। लेकिन शुभ... उसकी नजरें किसी और पर थीं। शुभ ने रूही के प्यार और उसके समर्पण की कदर कभी नहीं की।
शुभ ने उस लड़की से प्यार किया, जिसने उसे धोखा दिया। जब उसे उस लड़की की सच्चाई का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वो रूही की भावनाओं को समझ नहीं पाया था। रूही का दिल टूट चुका था, लेकिन उसने फिर भी शुभ के लिए अपनी दुआएं नहीं छोड़ीं।
शुभ ने रूही की कदर तब समझी, जब वो उसकी जिंदगी से हमेशा के लिए चली गई। वो अब समझ गया था कि सच्चा प्यार क्या होता है, लेकिन तब तक रूही ने अपने दर्द को सहते हुए खुद को उससे दूर कर लिया था।
रूही के टूटे दिल की शायरी
तू मेरे ख्वाबों में बसा था, पर तेरा ख्वाब अधूरा रह गया,
तेरी खुशी के लिए मैंने खुद को खो दिया, और तू मुझसे दूर रह गया।
जो दिल से चाहता है, वही सबसे ज्यादा रोता है,
और जिसे चाहा, वो ही हमें खोता है।
मैंने तुझसे ही अपनी दुनिया बनाई थी,
पर तूने मेरी मोहब्बत की कीमत न जानी थी।
तू किसी और का होकर मुझे रुला गया,
दिल तोड़ा, और हंसकर चला गया।
तूने मेरी वफा को समझा नहीं,
तेरा धोखा मेरे दिल ने सहा नहीं।
जिसे खुदा मान लिया, उसने तोड़ दिया,
इस दिल ने तुझसे प्यार किया और खुद को खो दिया।
तेरे हर झूठ को सच मानती थी,
अपना दिल तेरे नाम करती थी।
सपनों में तेरा साथ ढूंढती थी,
तू किसी और के साथ खुशियां बांटता था।
तू तो मेरे लिए जिंदगी था,
पर तूने ही मुझे अधूरा छोड़ दिया।
राह देखी थी तेरी उम्र भर के लिए,
पर तूने छोड़ दिया मुझे दूसरों के लिए।
कहानी का अंत
रूही ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला किया। उसने खुद को समेटा और जाना कि जो खुद को नहीं समझ सकता, उसके लिए दुखी रहना बेकार है। शुभ ने अपनी गलती समझी, लेकिन अब वो केवल पछताने के सिवा कुछ नहीं कर सकता था।
"सच्चा प्यार वही है, जो बिना किसी शर्त के हो, पर उसकी कदर करना भी जरूरी है।"
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"RUCHI TIWARI "