अगला दिन
नैना अमृता को आवाज लगती है , बेटा चलो आज तुम्हारी कोचिंग का पहला दिन है।
अमृता : नहीं मां मुझे पढ़ाई नहीं करनी मैं नहीं जाऊंगी
( मुंह बिगाड़ते हुए?)
नैना चुप हो जा पढ़ाई जरूरी है करनी ही पड़ेगी ।
अमृता आज नहीं कल
नैना : जाना तो जज ही पड़ेगा
अमृता : उम्हम्म्म (रोते हुए)
चलो....
नैना ने उसके दोस्त के यहां डाल दो दी थी
पर अमृता में कोई सुधार नहीं था
पढ़ती नहीं थी।
फिर एक दिन स्कूल के मास्टर का कॉल आता है
अमृता के मास्टर का नाम विनोद था।
विनोद : मानता हु आपकी बच्ची रेगुलर स्टूडेंट एनएचआई है
उसे बेजिये तो सही वो अच्छा कर लेगी ।
नैना और आकाश बातचीत करते हुए
आकाश : मैं तो बोलता था पर तुम नही मानी
नैना :नैना अब भी देती नहीं हुई है
भेजते हैं।
आकाश : ठीक है
नैना : अमृता कल स्कूल चलना है वही से तेरे घर आने की व्यवस्था कर दूंगी बस लगा दूंगी
अमृता : मैं उस स्कूल में नहीं जाऊंगी गरीबों वाला स्कूल
मुझे मेरा पुराना स्कूल ही अच्छा लगता है
नैना : पगली कुछ भी
आकाश : पूछा नहीं है जाना पड़ेगा ।
अमृता : ओके।
( अगला दिन)
अमृता स्कूल जाते हुए
अमृता : मैं घर कैसे जाऊंगी
नैना : आज मैं लेने आऊंगी
कल से बस से आना पड़ेगा ।