Laugh lines and lunch break

601 Words
लंच ब्रेक का समय था। कार्यालय के सभी कर्मचारी अपने-अपने काम छोड़कर भोजन कक्ष की ओर बढ़ने लगे। भोजन कक्ष में हमेशा की तरह चहल-पहल थी। सभी अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ बैठकर खाना खा रहे थे और बातचीत में लगे थे। उन्हीं में से एक लिसा भी थी, जो अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर हंसी-मजाक कर रही थी। लिसा का व्यक्तित्व बहुत ही खुशमिजाज था। वह हमेशा अपने साथियों को हंसाने की कोशिश करती थी। उसके चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती थी, जो किसी भी उदास चेहरे को भी हंसा देती थी। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ। लिसा ने एक मजेदार कहानी सुनानी शुरू की, जिससे पूरा समूह हंस-हंस कर लोटपोट हो गया। लिसा ने कहा, "आप लोगों को पता है, एक बार की बात है, जब मैं कॉलेज में थी, तो मैंने अपने प्रोफेसर के साथ कुछ ऐसा कर दिया कि वे भी हंसी रोक नहीं पाए।" उसकी इस बात पर सभी ने ध्यान दिया और कहने लगे, "हां, हां, बताओ, क्या हुआ?" लिसा ने अपनी कहानी शुरू की, "वो दिन था जब हमारे कॉलेज में एक बड़ा आयोजन हो रहा था। सभी छात्र-छात्राओं को उसमें भाग लेना था। मैं भी तैयारी कर रही थी। मेरे प्रोफेसर, जो हमेशा बहुत ही गंभीर रहते थे, उन्होंने मुझसे कहा कि मैं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही हूं। मुझे उनकी बात सुनकर थोड़ा डर भी लगा, क्योंकि वे कभी मजाक नहीं करते थे।" सभी ध्यान से लिसा की बात सुन रहे थे। वह आगे बोली, "उस आयोजन के दिन, मैं मंच पर जाने से पहले बहुत घबराई हुई थी। प्रोफेसर ने मुझे प्रोत्साहित किया और कहा कि सब ठीक रहेगा। मैं मंच पर गई और मैंने अपनी भूमिका निभाई। लेकिन बीच में ही मुझे कुछ ऐसा याद आ गया कि मैं खुद हंसने लगी। प्रोफेसर भी यह देखकर हंस पड़े, क्योंकि उन्होंने भी कभी मुझे इतना हंसते नहीं देखा था। उस दिन हम दोनों ने एक-दूसरे को बहुत हंसाया।" लिसा की यह कहानी सुनकर सभी हंसने लगे। उसकी कहानी ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। लंच ब्रेक का समय अब समाप्त हो रहा था। सभी अपने-अपने काम पर वापस जाने लगे। लेकिन लिसा की कहानी ने सभी के दिलों में एक मिठास भर दी थी। उस दिन के बाद से, लिसा और उसके प्रोफेसर के बीच एक अलग ही बॉन्ड बन गया था। वे दोनों एक-दूसरे के साथ हंसी-मजाक करने लगे थे। लिसा को याद है कि कैसे वह दिन उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन बन गया था। उसने महसूस किया कि जीवन में हंसी-मजाक का कितना महत्व होता है। इससे न केवल हम खुद खुश रहते हैं, बल्कि हमारे आसपास के लोग भी खुश रहते हैं। लंच ब्रेक के बाद सभी ने अपने काम पर ध्यान देना शुरू किया। लिसा ने भी अपनी सीट पर बैठकर काम करना शुरू किया, लेकिन उसके चेहरे पर एक संतोषजनक मुस्कान थी। उसने सोचा, "हंसी सच में एक अद्भुत दवा है। यह किसी भी तनाव को कम कर सकती है और हमारे दिन को उज्जवल बना सकती है।" लिसा के लिए, हंसी सिर्फ एक भाव नहीं थी, बल्कि यह उसकी जीवनशैली का हिस्सा थी। उसने सिखा कि चाहे कोई भी परिस्थिति हो, हमें हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहना चाहिए। इससे न केवल हम खुद खुश रहते हैं, बल्कि हमारे आसपास का माहौल भी खुशनुमा बना रहता है। और इस तरह, लिसा का दिन हंसी-मजाक और काम दोनों से भरपूर रहा। उसने यह सिखा कि जीवन के हर छोटे-बड़े पल में हंसी का महत्व होता है। हमें कभी भी हंसने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि हंसी न केवल हमें खुश रखती है, बल्कि हमारे जीवन को भी सुंदर बनाती है।
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