खुशियों की बाहर

224 Words
आज पूरा परिवार बहुत ज्यादा खुश है क्योंकि आज उनके घर में ११ महीने के बाद एक लड़की हुई थीं। वैसे तो वह परिवार बहुत गरीब था। इतना गरीब की कई बार उनके पास खुद के खाने तक के लिए पैसे नहीं हुआ करते थे। लेकिन आज वह सब कुछ भूल कर उस नन्ही परी का स्वागत करने में लगे पड़े थे। उनकी खुशी का अंदाजा उनके चेहरों से ही लगाया जासकता है। अभी तक लड़की और मां घर पर नहीं पहुंचे थे इसलिए सब उनके आने का ही इंतजार कर रहे थे। बच्ची के पिता गांव में नहीं रहतेथे इसलिए सब कुछ दादी और दादू ही मिलकर कर रहे थे कुछ समय ऐसे ही इंतजार में बीतता है कुछ समय बीतने के बाद मां और बच्चे का आना होता है तभी सब लोग स्वागत के लिए गेट पर आ जाते हैं। उस मासूम सी बच्ची को देखकर सब हैरान हो जाते हैं क्योंकि वह उस पूरे परिवार की सबसे खूबसूरत लड़की थी। कुछ लोग दिल से खुश हो रहे थे तो कुछ के चेहरे पर बस दिखाने के लिए मुस्कुराहट बनी हुई थी। एक तो लड़की ऊपर से इतनी खूबसूरत तो लोगों का जलना तो स्वाभाविक था। इसलिए सब लोग सिर्फ दिखावे के लिए ही गांव वालों के सामने खुश होने का दिखावा कर रहे थे आखिर उन्हें अपना सम्मान जो प्यारा था।
Free reading for new users
Scan code to download app
Facebookexpand_more
  • author-avatar
    Writer
  • chap_listContents
  • likeADD