एक आपकी प्यारी लेखिका जो भावनाएं और जिंदगी के बीच समन्वय स्थापित करते हुए,उभर आई ।
कुछ आपकी और कुछ मेरी बातें ✍️
चंद पंक्तियाॅं जो विशेष हैं
कि....
यूं ही नहीं तोड़ना,उसे जिसने खुदा के समान माना है।
आए हैं जो उसे दुनिया एक दिन छोड़कर जाना है।।
फिर भी तेरी पनाह को ही अपना माना ठिकाना है ।
क्यों उर दुखाते हो, जैसे अपना नहीं तूं बेगाना है ।।
यह कहानी एक लड़की की है, जो सरल स्वभाव, मधुर वाणी और अपने चंचलता से सबको खुश रखती और खुद भी खुश रहती है। किन्तु प्रायः सभी कहीं-न-कहीं और कभी-न-कभी उस जगह,उस परिवेश से टकरा जाते हैं जो हृदय को प्रभावित कर देते हैं; वहीं यहां पर भी होता है ।