नमस्ते दोस्तों मे अंकुर त्यागी मेरी पहली कहानी एक सपना वो भी अधुरा ! है इस कहानी मे एक परिवार के सपने को पूरा करने की कोशिशUpdated at Feb 1, 2021, 09:40
मे अपने घर से निकलीं ही थी की मूझे एक आवाज आती है मुझे वो आवाज जानी पहचानी सी लगती है वो आवाज मेरी बहन की थी वो वहन जो एक साल पहले मर गई थी मुझे लगता है कि मेरी बहन अभी जिंदा हे जब मेरी बहन मरी थी तो हमें उसकी लाश भी नहीं मिली थी उस बजह से मुझे लगा मेरी बहन अभी जिंदा हे चलो छोड़ो उस कि बातों को मे लेकर चलता हूँ आपको अपने घर मेरे घर मे मै और मेरी बूढ़ी माँ ही है हमें जो आस थी वो थी अपनी बहन की वो भी भगवन ने उसे उप्पर बुला लिया रह गई मे मे भी एक लड़की क्या करुँ कुछ कर भी नहीं सकती एक लड़की क्या कर सकती हे बताओ समाज का डर और अपना घर मेरे बाद् माँ का क्या होगा ये सब सोच कर पागल हो जाती हूँ मेरा भी मन करता हे की शहर जाऊ और मज़े करुँ और लड़कियों की तरह पर क्या करुँ माँ हे वो भी बूढ़ी हे जो कुछ कर नहीं सकती मे ही हूँ जो भी हूँ एक दिन मैंने सोचा था की शहर हो आऊं और मे चल दी पर आधे रास्ते ही पहुची थी मुझे माँ की याद आ गई मेरे बाद् माँ का क्या होगा मे बापस आ गई मे अपने माँ से बहुत प्यार भी करती थी एक दिन मेरी माँ की तबीयत
बहुत ज्यादा ख़राब हो गई और मे घावरा गई की मेरा क्या होगा मे कहा जाउंगी अगर माँ को कुछ हो गया तो समाज मुझे जीने भी नहीं देगा मे ये सब सोच कर रोने लगी और बहन को याद करने लगी अगर वो जिंदा होती तो हमें ये दिन देखने नहीं पड़ते हम शहर मे होते और मे भी कुछ कर रही होती /आगे-