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सदन की जिंदगी

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बहुत समय पहले की बात है, एक गांव था जिसका नाम रामनगर था। उसे गांव में सदन अपने परिवार के साथ रहता था। उसके जन्म लेते ही उसकी मां गुजर गई, फिर वह अपने पिता के साथ रहने लगा उसके पिता टोकरी बनाने का काम करते थे। उसके पिता ने सदन को टोकरी बनाना सिखाए, क्योंकि सदन उनके काम में हाथ बटाएं, फिर उसके पिता ने उसे टोकरी बनाना सिखाएं। जब वह सीख गया तब, वह दोनों अपने काम को बढ़ाएं, दिन प्रतिदिन उनके  मेहनत ने रंग लाई , एक दिन सदन के पिता  साईकिल पर सवार टोकरी बेचने निकले, रास्ते पर जाते वक्त उनका एक्सीडेंट हो गया, पूरी रात सदन उसके पिता की प्रतीक्षा करता रहा , पर बतकईसमतई से वह नहीं आये , अगले ही दिन वह उसके पिता की तलाश में निकल पड़ा , रास्ते में उसके पिता बेहोश हालत में मिले,वह अपने पिता को जल्दी से अस्पताल में लेकर गया, सौभाग्य से उसके पिता बच गए, पर उनका हाथ खराब हो गया, सारी जमा पूंजी खत्म हो गई सदन के पिता के ईलाज में , सदन के पिता को याद आया की

Prashans

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सदन की जिंदगी ( अब आगे )
......... सदन के पिता को याद आया की पास एक पुरानी गुल्लक थी , तो उन्होंने सदन से कहा कि वह उस गुल्लक से आगे की दवाइयां और कुछ खाने पीने की चीज लाए, फिर सदन ने देखा कि उसके पिता की तबीयत अब ठीक हो रही है, तो उसने जंगल से लड़कियां काट लाना शुरू किया , ताकि उसका टोकरी बनाने का काम शुरू हो, और कुछ धन संपत्ति आए, दिन प्रतिदिन वह अपने पिता की दवाइयां लता, एवं वह अपनी टोकरी बनाकर बेचने का भी काम करता, उसके पिता की हालत तो सुधर रही थी, पर उसके पिता का मानसिक संतुलन खराब होगया। एक दिन उसके पिता चल बसे, उसके पिता के पास दो गुल्लक थे एक गुल्लक तो उनके इलाज में खर्च हो गया, पर दूसरा गुल्लक बच्चा था फिर सदन उन पैसों से अपना कारोबार बढ़ाया, एक दिन सदन मंदिर जा रहा था रास्ते में कुछ गरीब बच्चे भीख मांग रहे थे, सदन ने उन बच्चों को कहा कि, " क्या तुम सब मेरा काम करोगे " बच्चों ने कहा "हां, पर मुझे इस काम के बदले मिलेगा क्या" सदन ने बोला " मैं तुम्हें पैसे एवं खाना पीने का इंतजाम करके तुम्हें रोज दूंगा बस तुम्हें मेरे काम में हाथ बताना होगा " फिर वह गरीब बच्चे साजन के काम में हाथ बताना शुरू की उन सारे बच्चों को बाद में लालच आ गया एक दिन जब साजन अपना दुकान बंद कर कर घर गया, तो चुपके से उन सारे बच्चों ने तिजोरी खोलकर सारे पैसे चुरा लिए, जब सदन कल सुबह दुकान आया तब उसने देखा की थी जो एक खुली हुई है, और उसमें से सारे पैसे गायब हैं , सदन ने पुलिस कंप्लेंट दर्ज कराई, जब वह सारे बच्चे सारे बच्चे पकड़े गए तब सदन ने सारे पैसे लिए और बच्चों को जल हो गई फिर सदन ने एक पायल नाम की लड़की से शादी की और अपने जीवन को आगे बढ़ाएं धीरे-धीरे उसका टोकरी बनाना एक शहर में छा गया उसकी मेहनत रंग लाई फिर सदन अपनी पत्नी के साथ अपनी आगे जिंदगी व्यतीत किया । THANKS The end writer's name Prashans

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