MR YOGI SARKAR AYODHYA

442 Words
यूपी शिक्षक भर्ती में एक बार फिर से यादव घोटाला आबादी के तीन गुना से ज्यादा हुए सेलेक्ट ओबीसी का आधे से ज्यादा कोटा खाया सामान्य वर्ग की सीटो पर भी किया कब्जा लिखित परीक्षा में जबरदस्त नकल घोटाला पकड़े जाने के बावजूद नही लिया गया कोई एक्शन सपा सरकार के समय बने यादव सिंडिकेट का अब भी भर्ती संस्थाओं पर पकड़ बरकरार गौरतलब है कि इस यादव सिंडिकेट ने भाजपा सरकार बनते ही भाजपा के डीप स्टेट से हाथ मिला लिया, अनिल यादव को बहुत विरोध के बाद हटाया गया और अब भी हर भर्ती में सीधा दखल देकर अपना वर्चस्व बना रहे हैं। योगी बाबा बेखबर हैं। योगी सरकार की पुलिस भर्ती में ही सामान्य वर्ग के साथ अन्याय करते हुए उम्र सीमा में लंबा अंतर रखा गया और उम्र सीमा में छूट प्राप्त ओबीसी वर्ग के लोगो को सामान्य वर्ग के कोटे में जगह दी गई जिस कारण सिर्फ 6% सामान्य वर्ग के लोग पुलिस भर्ती में सेलेक्ट हुए लेकिन उसका लाभ असली ओबीसी को नही मिला क्योंकि यादव अकेले पूरी भर्तियों के एक तिहाई तक सेलेक्ट हुए यानी अपनी आबादी के 6 गुना ज्यादा। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में जबरदस्त नकल चली। पुलिस ने पूरे प्रदेश से कई दर्जन सॉल्वर को पकड़ा। एग्जाम से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर सूची व्हाट्सएप्प पर वायरल हुई। मैनपुरी, फिरोजाबाद, संभल, मुरादाबाद वगैरह में पूरे के पूरे सेंटर हाईजैक होने की खबरे अखबारों में आई। एसटीएफ ने कई दर्जन सेंटरों पर छापा मारकर घोटाले का भंडाफोड़ किया। पुलिस प्रशासन के रिश्तेदारों के नकल गिरोहों के सरगना होने का खुलासा हुआ। लेकिन इन सबके बावजूद सरकार ने भर्ती रद्द करने का फैसला नही लिया। यादव सिंडिकेट ने कुछ और जातियों के सिंडिकेट के साथ गठजोड़ बनाकर ओबीसी और सामान्य वर्ग की सीटो पर पूरी तरह कब्जा करने का अभियान चलाया हुआ है। ओबीसी की कुम्हार, बढ़ई, नाइ, राजभर जैसी असल ओबीसी जातियों का हक मारा जा रहा है। इन अल्पसंख्यक जातियों को भर्तियों में ना के बराबर प्रतिनिधित्व मिल रहा है। इसके बावजूद घोटाले और असली ओबीसी के साथ अन्याय को छुपाने के लिए यादव और उनके सहयोगी सिंडिकेटो द्वारा सरकार पर ओबीसी के साथ अन्याय का आरोप लगा प्रोपगंडा किया जा रहा है जबकि ओबीसी समेत सामान्य वर्ग का बड़ा हिस्सा अकेले यादव समुदाय खाए जा रहा है। भाजपा के लिए असली पिछड़ा सिर्फ वोट बैंक है, इनके हितों की चिंता योगी सरकार को भी नही है। ऐसा लगता है योगी बाबा ने इन दबंग जातियों के सिंडिकेट के सामने घुटने टेक दिए हैं। भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व और सुनील बंसल द्वारा भूपेन्द्र यादव के जरिये यादवों को भाजपा में लाकर योगी के मुकाबले खड़ा करने का प्रयत्न किया जा रहा है। ✍️रामनरेश प्रजापति की कलम से
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