किस्मत कनेक्शन
सूर्या बचपन से बहादुर निडर था जिस कारण सूर्या के पिता रुद्रा प्रताप सूर्या को फौजी बनाना चाहते थे, सूर्या अपने युवा अवस्था में प्रवेश कर चुका था सूर्या का रंग गोरा और वह बेहद आकर्षक था, जिस कारण कॉलेज की सारी लड़कियां सूर्या पर मर मिटने को तैयार रहती थी ।
सूर्या अपने कॉलेज का सबसे होनहार लड़का था, उस वक्त विधायक जी की बेटी कामिनी कॉलेज की सारी लड़कियां से ज्यादा खूबसूरत थी, जिस कारण कॉलेज के सारे लड़के कामिनी के दीदार को तरसते रहते थे।
सूर्या क्रिकेट का बेस्ट प्लेयर था उस कॉलेज में विधायक जी का बेटा भी पढ़ रहा था जिसका नाम नितिन था वह अपने पिता जी के जैसे बदमाश और घमंडी था जिस कारण कॉलेज के सारे लड़के उसके बहन कामिनी को पटाने से डरते थे।
एक दिन कॉलेज में सारे लड़के क्रिकेट खेल रहे थे अचानक नितिन ग्राउंड में पहुंचा और जोर से चिल्लाते हुए बोला ये कॉलेज मेरा बाप का है ,मैं बैटिंग करूंगा पूरे दस ओवर तक और तुम लोग लगातार बॉलिंग करोगे !
चल बे कलियां बैट दे मुझे इतना बोलकर मोहन के हाथो से बैट छीन लिया।
नॉन स्ट्राइक पे सूर्या था सूर्या नितिन के हरकत से काफी क्रोधित हो गया और नितिन के सामने जाकर बोला, तुझे बैटिंग करने का ज्यादा शौख है ना तो बेट लगाओ ।
नितिन सूर्या का बात सुनकर उसका शर्ट का कॉलर पकर लिया तू ,मुझे बेट लगाना शिखाएगा अपनी हैसियत में रहो। सूर्या का गुस्सा सातवे आसमान तक जा पहुंचा, माहौल गर्म हो चुका था सारे बच्चे सूर्या को पकड़ कर नितिन से दूर ले जाकर बोला, सूर्या नितिन से पंगा मत लो पूरे कॉलेज इसके बाप का है कॉलेज से बाहर करवा देगा तुझे, अपने बाप से बोलकर।
नितिन चिल्लाते हुए बोला मैं बेट लगाने को तैयार हु ।
सूर्या नितिन का बात सुनते ही गुस्से से लाल हो गया और मोहन को बोला तुम लोग उसके साथ खेलोगे या मेरे साथ, मोहन बड़े प्यार से बोला तू बचपन का साथी है तुझे अकेले कैसे? छोर सकता हु, हम सारे लड़के तुम्हारे टीम में खेलेंगे।
सूर्या नितिन के पास गया और बोला तुम प्लेयर चूज करो, मैं अपने टीम का कैप्टन हु और ये बेट पूरे एक हजार होगा ।
नितिन मुझे मंजूर है, नितिन अपने सारे दोस्त को बुलाया और बोला इस सूर्या को हर हाल में हराना है तुम लोग तैयार हो जाओ।
सूर्या और नितिन टॉस किया,, टॉस सूर्या के पक्ष में गिरा और सूर्या बैटिंग डिसाइड किया । पूरे 20 ओवर का मैच था।
दिल थाम लीजिए सूर्या का बैटिंग शुरू होने वाला है, सूर्या अपने सारे दोस्त के साथ मीटिंग करता है, इस घमंडी नितिन को सबक सिखाने का अच्छा मौका हाथ लगा है तुमलोग बस अच्छे से बैटिंग करना और कोई भी कैच ड्रॉप नही करना समझे मुझे जीत चाहिए ।
इतना बोलकर सूर्या और मोहन बैटिंग केलिए ग्राउंड पर गया, स्ट्राइक पर सूरज और नॉन स्ट्राइक पर मोहन था,
नितिन अपने हाथो में बॉल लिया और सूरज के सामने जाकर बोला अपना चेहरा और थोबरा बचा कर खेलना, इतना बोलकर नितिन बॉल लेकर अपने रनिंग स्टेप के पास गया।
नितिन दौड़ना शुरू किया और पहला बॉल बाउंसर फेका जो सूर्या के सिर में लगा,, बॉल काफी तेज था जिस कारण सूर्या के सर पे तेज चोट लगी और उसके हाथो से बल्ला छूट गया और सूर्या जमीन पर लेट गया।
मोहन के होश उर चुके था मोहन जल्दी से सूर्या के पास गया और बोला दोस्त तुम रिटायर्ड हार्टड हो जाओ तुम्हारे सर में सूजन हो गया है,,
सूर्या जमीन उठा और बोला तुम नॉन स्ट्राइक पे जाओ मेरा चिंता मत करो क्रिकेट में ये सब होते रहता है।
मोहन सूर्या का बात सुनकर नॉन स्ट्राइक पे चला गया ।
नितिन सूर्या से बोला पहले ठीक से बल्ला पकड़ना सिख लो उसके बाद मेरे सामने बैटिंग करना।
सूर्या खामोश था सूर्या को पता था इसका मुंह बंद करने और घमंड तोड़ने केलिए आज मुझे इस पिच पर लास्ट तक बैटिंग करना होगा।
नितिन बॉल लेकर अपने रनिंग स्टेप के पास पहुंचा और दौड़ना शुरू कर दिया दूसरा बॉल यॉर्कर फेका जिसे सूर्या आसानी से डिफेंड करके नितिन के फॉलो थ्रू में खेल दिया।
नितिन अपने ओवर का तीसरा बॉल सूरज को फूल टॉस फेका जिसे सूरज सिक्स मारकर बॉल को ग्राउंड से बाहर फेक दिया।
धीरे , धीरे पूरे ग्राउंड लड़के और लड़कियां से भर गए कामिनी का नज़र सूर्या पर पड़ा।
नितिन अपने पूरे ओवर में तीन सिक्स खा चुका था जिस कारण वह गुस्से से लाल हो गया और अगले ओवर अपने बेस्ट फ्रेंड विवेक को दिया और बोला इसे इसी ओवर में आउट करो वरना ये सूरज हमे हरा देगा मैं हारना नही चाहता हू समझे तुम।
विवेक के पूरे ओवर में भी सूर्या ने तीन सिक्स जर दिए कामिनी सूर्या का स्ट्रेट ड्राइव और अपर कट शॉर्ट देखकर बहुत खुश हुई और कामिनी के मुंह से अचानक सूर्या, सूर्या निकल गया ।
नितिन अपने बहन के मुंह से सूर्या का तारीफ सुनकर बहुत भड़क गया और सीधे अपने बहन के पास जाकर कामिनी को एक थप्पड़ जर दिया जिसे देख ग्राउंड के सारे लड़की और लड़के शांत हो गए।
कामिनी का गाल लाल हो गया वो शर्म से सीधे अपने क्लास रूम चली गई।
सूर्या नितिन के सारे बॉलर को चोर की तरह बड़ी बेरहमी से पीटा, सूर्या के बैटिंग देख सारे लरकियां सूर्या,, सूर्या चिल्लाने लगी।
सूर्या ने अपने सेंचुरी थोक दिया उसका टीम का स्कोर 20 ओवर 210 पहुंच गया चार विकेट खोने के बाद।
नितिन का घमंड अभी नही टूटा है। अभी तो पूरा खेल बाकी है।
कामिनी नितिन के थप्पड़ से आग बबूला होकर अपने पिता जी के पास गई और बोली ,, समझा लीजिए अपने लाडले बेटे को उसने मुझे पूरे कॉलेज के सामने थप्पड़ मारा है ,, पिता जी बड़े प्यार से बोले बेटी वो तुम्हारा भाई है उसे माफ कर दो वो जन्म से ही बहुत क्रोधित और गुस्से वाला है।
कामिनी सब आपके कारण हुआ है आपका इकलौता लाडला जब आपको बरे मुसीबत में डालेगा तब जाकर आपके आंखे खुलिगे ।
आगे कामिनी और सूर्या की प्रेम कहानी शुरू होने वाला है, इस प्रेम कहानी सूर्या केलिए बहुत महंगा साबित होगा।