तो ये कहानी है कबीर नाम के एक लड़के की । कबीर हाल मे तो 35 साल का है लेकिन उसकी कहानी की शुरुआत हुई थी जब वो 20 साल का था । ये जो कहानी है वो सिर्फ कबीर की नहीं होने वाली है ये कहानी वो जिस एजंसी मे है ईगल एईट उसकी होने वाली है एक तरह से । लेकिन इस कहानी को कबीर के माध्यम से दिखाया जा रहा है इस लिए कहानी कबीर के ही आसपास रखी गई है । तो चलिए कहानी के बारे मे और ज्यादा स्पोईलर दिए बिना कहानी की शुरुआत करते है ।
एक घना जंगल है । चारों और शांति छाई हुई है । और समय शाम के 5 या 6 बजे के आसपास का हो रहा है । एक बड़ा स पथतार है । जिस पर खून से सना एक हाथ आके गिरता है । और पथतार को पकड़ता है । वो हाथ कबीर का होता है । वो उस पथतार को पकड़ के उसकी तरफ जाके उसके सहारे बैठता है । और फिर गहरी साँसे लेता है । उसके पेट मे घाव था उसमे से खून बह रहा था । कबीर मन मे ही सोचता है । " क्या सच मे मे एसे मरने वाला हु? हह? सोचा था की दिया से शादी करूंगा और खुशीसे रहूँगा फिर रिटायर होके बूढ़ा होके मरूँगा । " थोड़ी ही दूर कबीर के पापा आधे बेहोश आधे होश मे गिरे हुए है । कबीर की गहरी साँसे अभी भी जारी है । फिर एक आदमी लगड़ाते हुए वहा कबीर के सामने आके खहा हो जाता है । वो भी काफी घायल था वो कबीर से भी बुरी हालत मे था । उसके चहेरे पर एक गहरा घाव आ गया था । जिस वजह से वो काफी भयानक दिख रहा था । और कबीर हस्ते हुए उस आदमी की और देखता है । उसके हाथ मे एक गन थी । वो उस गन को कबीर के सामने तानता है । और फिर वो भी मुस्कुराने लगता है । उसकी मुस्कुराहट शैतानी लग रही थी । वो अपने लुक से ही विलन लग रहा था । कबीर बोलता है । " क्या हुआ? हिम्मत नहीं हो रही क्या? मुजे मारने की । " फिर कबीर गुस्से और जुनून से उसकी आँखों मे आंखे डाल के बोलता है । " चला गोली । " और फिर वो आदमी बोलता है । " इतनी आसानी से कैसे ? तेरी आँखों मे डर ही नहीं है । जब तेरी आँखों मे डर दिखेगा तब गोली टूज पर चलेगी । " ये बोल के वो आदमी गन को कबीर के पापा की और कर के उसके बाजू मे ही गोली चलाता है । और कबीर डर से चिल्लाता है । " नहीं । " फिर वो आदमी घूम के कबीर को देखते हुए बोलता है । " बस यही डर देखना था । अब मर तू । " और फिर एक गोली चलती है । और कबीर अपनी आँख बंध करता है ।
और अब कबीर खुद आप सब को अपनी कहानी कहना शुरू करता है । " मेरा नाम कबीर शेरसिंह अगरवाल है । और मे एक एजंट हु । जो मुज पर गन तान के खड़ा है वो और कोई नही मेरा जान से भी प्यारा दोस्त है । जिसके लिए मे अपनी जान हस्ते हस्ते दे सकता हु । आज से बीस साल पहले मतलब जब मे 15 साल का था त मेरे पापा अचानक गायब हो गए थे । और 5 साल बाद मुजे पता चलता है की मे उन्हे ढूंढ सकता हु । और उन्हे ढूंढते हुए ही मे इस हालत मे पहुचा हु । आप सब सोच रहे होंगे की आखिर मेरा जान से प्यारा दोस्त मुजे मारना क्यों चाहता होगा? और मे एजंट कैसे बना? तो चलिए चलते है कहानी मे 20 साल पहले जब मेरे पापा गायब हुए थे । " और रब कहानी चली जाती है । 20 साल पहले भूतकाल मे ।