last good bye

839 Words
पिछले चेपटर मे देखा की कबीर जो मेइन केरेक्टर है वो काफी घायल है । और उसका जान से प्यार दोस्त उस पर गन ताने हुए है । थोड़ी दूर उसके पापा आधे होश मे आधे बेहोश हुए पड़े है । और गोली चलने की आवाज आती है । फिर कबीर आँख बंध कर के खुद अपनी कहानी बताना शुरू करता है की वो एक एजंट है । ईगल एईट का । और वो अपने पापा को ढूँढने के लिए एजंट बना था । और फिर कहानी अब 20 साल पहले से शुरू होती है । जब कबीर के पापा गायब हुए थे । कबीर इस वक्त 15 साल का है । वो सुबह उठ के तैयार होके स्कूल जाने के लिए तैयार बैठा था और नाश्ता कर रहा है । उसके पापा शेरसिंह भी एक बैग ले कर तैयार होके बाहर आते है । और टेबल पर बैठते है । फिर वो आराम से संस लेते है और कबीर से पूछते है । " क्या बेटा? कैसी चल रही है पढ़ाई ? कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है नया स्कूल मे? " कबीर बोलता है । " नहीं पापा सब ठीक चल रहा है । अगले हपते से एक्साम शुरू होने वाले है तो थोड़ी गभराहट है की कही कम मार्क ना आए । " कबीर के पापा हस्ते हुए कबीर से बोलते है । " अरे बेटा पढ़ाई मे ज्यादा मार्क आए ये इम्पॉर्टन्ट नहीं होता । तुम कितना समजते हो वो मायने रखता है । चिंता मत करो कम मार्क आए तो भी मे तुम्हें कुछ नहीं कहूँगा । लेकिन हा जो भी पढ़ो उसको पूरी लग्न से पढ़ना और समजना । " ये बोलते हुए वो कबीर के सर पर प्यार से हाथ फेरते है । और फिर कबीर अपने पापा के उस बैग की और देखता है और बोलता है । " आप फिर से जा रहे हो ? कब तक आओगे ? " कबीर के पापा बोलते है । " शायद दो हपते लग जाएंगे । या थोड़ा ज्यादा भी हो जाए । इस बार का रूट थोड़ा लंबा होने वाला है । " फिर कबीर की मा कुछ लेने के लिए अंडर जाती है । तभी कबीर धीरे से अपने पापा से बोलता है । " मिशन से जल्दी आना किस देश मे जा रहे है इस बार? " कबीर के पापा भी धीरे से बोलते है । " रशिया मे जा रहा हु । तुम्हारे लिए कुछ लाऊ? " कबीर बोलता है । " वहा जो भी कुछ अच्छा लगे आप को मेरे लिए वो ले आना । " और फिर तभी कबीर की माँ वापिस आ जाती है । और बोलती है । " क्या खुसरपुसर हो रही है बाप बेटे मे? " कबीर के पापा बोलते है । " कुछ नहीं वो कबीर बोल रहा है की उसके लिए लौटते वक्त चॉकलेट्स लाऊ । " फिर कबीर थोड़ा गुस्से से अपने पापा की और देखता है क्यों की अब कबीर की माँ उसको डांटने वाली होती है । कबीर के पापा हस्ते हुए कबीर को देखते है । तभी कबीर की माँ बोलना शुरू करती है । " कबीर ? ये क्या है ? पाता है ना? चॉकलेट से दांत खराब होते है । और अभी पिछले ही हपते तुमने पूरा एक डिब्बा खाया था चॉकलेट का । " एसे ही कबीर की माँ उसको सुनाती है । फिर कबीर और उसके पापा दोनों घर से निकलते है । और निकलते वक्त कबीर के पापा उसको स्कूल छोड़ने जाते है । रास्ते मे कबीर अपने पापा से पूछता है । " पापा? आप जब रिटायर होंगे तब हम क्या करेंगे? " कबीर के पापा एक गहरी सांस लेते हुए बोलते है । " अभी तो सोचा नहीं है । पर सोच रहा हु की किसी जंगल जैसे एरिया मे एक छोटा गाव हो वहा जाएंगे । और जब वहा जाएंगे तब हमे कमाने की जरूरत नहीं होगी तो हम पूरे दिन वहा जंगल मे जाके कुछ ना कुछ करते रहेंगे और खुद को एक्टिव रखेंगे । और शाम को दोनों बाप बेटे बैठ के छोटा छोटा पेग लगाएंगे । " और फिर दोनों हसने लगते है । फिर कबीर के पापा बोलते है । " ज्यादा तो नहीं सोचा पर एक आराम की जिंदगी जीना चाहता हु मे । " और फिर कबीर का स्कूल आ जाता है । और कबीर नीचे उतर के अपने पापा को बोलता है । " जल्दी आना पापा । " और वो घूम के स्कूल के अंडर जाने लगता है । वर्तमान कबीर का वोइसओवर " किसको पता था की उस दिन मे अपने पापा को आखरी बार देख रहा हु । उस दिन मेने अपने पापा को थोड़ा डर मे देखा था । वो कभी भी जाते वक्त नहीं डरे थे । पर उस दिन की बात अलग थी । मुजे उस वक्त पता नहीं था की वो अभी मे जिस हालात मे हु उसी हालत मे थे । उनका दोस्त भी उन्हे धोका दे रहा था । और उसी धोके की वजह से मेरे पापा मुजसे दूर हुए । "
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