new life

1053 Words
पिछले चेपटर मे देखा की कबीर की कहानी 20 साल पीछे से शुरू होती है । जब कबीर 15 साल का था । कबीर स्कूल जाने के लिए तैयार होके नाश्ता करने बैठता है । बही उसके पापा शेरशिंह भी तैयार होके नाश्ता करने बैठते थे । कबीर के पापा भी एक एजंट थे और ये बात सिर्फ कबीर को ही पता थी । कबीर की माँ सोचती थी की कबीर के पापा एक ट्रावेल एजंट है । और आज शेरसिंह को मिशन के लिए रशिया जाना था । और फिर वो गुरु को छोड़ के निकालने वाले थे । मिशन दो हपतो मे खत्म हो जाने वाला था । कबीर के पापा कबीर को स्कूल छोड़ते है कबीर उन्हे बाय बोल के स्कूल के अंदर जाने लगता है और हमे वर्तमान कबीर का वोइसओवर सुनने को मिलता है की ये आखरी गूडबाय था । और उसके पापा अपने उस वक्त वो ही हालत मे थे जिस हालत मे अभी कबीर है । उनका दोस्त भी उन्हे धोका दे रहा था । अब आगे । कबीर के पापा को गए हुए दो हपते हो गए है । और आज कबीर के पापा को घर आ जाना चाहिए था । पर तीन दिनों से उनका फोन भी नहीं लग रहा था । कबीर की माँ काफी चिंता मे थी उन्हे कुछ समज नहीं आ रहा होता है । फिर दूसरे दिन एक काले कलर की गाड़ी कबीर के घर के सामने आके रुकती है । और उसमे से एक 40 साल का आदमी उतरता है । वो सीधा कबीर के घर जाता है । और कबीर की माँ से बोलता है । " नमस्ते मेडम । मेरा नाम राम स्वामी है । मे यहा कुछ बात करने आया हुआप के पति शेरसिंह के बारे मे । " और फिर ककबीर की माँ उसको बिठाती है । और चाय ले कर आती है। तब कबीर को उसकी माँ घर के अंदर रहने को बोलती है । लेकिन कबीर दरवाजे के पीछे से सब सुनता है । राम स्वामी चाय पीके बोलता है । " मेडम आप के पति शेरसिंह अगरवाल कोई ट्रावेल एजंट नहीं थे । बल्कि एक गवर्मेंट सीक्रेट एजंसी के एजंट थे । और जब भी वो ये बोलते की वो एक लंबे रूट पर जा रहे है तब वो मिशन की वजह से देश के बाहर जाते थे । " ये सब सुन के कबीर की माँ हैरान रह जाती है । वो अटक अटक के बोलती है । " य य ये क्या बोल रहे है आप? मेरे पति कोई एजंट? मुजे कुछ समज नहीं आ रहा । " राम स्वामी बोलते है । " मेडम हमने उनको एक मिशन की वजह से रशिया भेजा था । लेकिन तीन दिनों से हमारा उनसे कोई कॉन्टेक्ट नहीं है । ना ही उसके पार्टनर का । हमे लगता है की वो पकड़े गए है और अब कभी वापिस नहीं आएंगे । " ये सब सुन के कबीर की माँ रोने लगती है और राम स्वामी पर चिल्लाने लगती है । " नहीं नहीं ये जूठ है । वो वापिस आएंगे । आप जूठ बोल रहे है । आप जरूर कोई मजाक कर रहे है । एसा नहीं हो सकता वो वापिस आएंगे । " कबीर दौड़ के बाहर आके अपनी माँ को संभालने लगता है । और उस राम स्वामी से बोलता है । "आप यहा से जाइए इस वक्त । मेरी माँ को नहीं पता था मेरे पापा के बारे मे । उनके लिए ये सब संभालना थोड़ा मुश्किल है । " तभी कबीर की माँ कबीर की और देखती है और बोलती है । " तुम जानते थे ये सब? की तुम्हारे पापा एक एजंट है । " कबीर की आँखों मे आँसू थे वो बोलता है । " मुजे माफ कर दो माँ मुजे पापा ने बोला था की आप को कुछ ना बताऊ । " फिर कुछ देर बाद कबीर जैसे तैसे अपनी माँ को शांत कर देता है । और फिर राम स्वामी बोलता है । " शायद जिस किसी ने भी तुम्हारे पापा को पकड़ा है वो तुम लोगों को भी मारने की कोशिश कर सकते है । तो हम लोगों ने तुम लोगों के लिए एक नई पहचान नया शहर सब चीज की सुविधा कर दी है । आप लोग अब से दुनिया की नजरों मे मर चुके है । कल आप लोग दूसरे शहर जाने वाले होते है पर रास्ते मे एक एक्सीडेंट हो जाता है जिसमे आप लोगों की जान चली गई । सब चीजे वैसी ही होगी । और अब से आप लोग एक नहीं पहचान के साथ जिएंगे । " फिर दूसरे दिन कबीर और उसकी माँ सभी चीजों के मुताबिक दुनिया के सामने मर जाते है । और उन लोगों को नई पहचान मिलती है । पर कबीर अपनी सरनेम और नाम बदलने से मना कर देता है । लेकिन राम स्वामी सब संभाल लेते है । और उन लोगों को कोई तकलीफ नहीं होती । और एक्सीडेंट के नाटक के बाद कबीर और उसकी माँ दोनों को एक कार मे बीठा के दूर एक दूसरे छोटे से शहर मे भेजा जाता है । और तभी फिर से वर्तमान कबीर का वोइसओवर सुनने को मिलता है । " उस दो दिनों मे हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई । स्कूल का एक जीनियस लड़का अब एक आम एवरेज लड़का बन गया । एक लड़की जिसका मे प्यार था उसको छोड़ना पड़ा । सब छोड़ के अब जीरो से शुरुआत हुई हमारी । और हम नई जिंदगी मे धीमे धीमे खुद को ढालने लगे । और एसे ही 5 साल बित जाते है । मे अब कॉलेज मे आ चुका था । मे कॉमयुतर सायन्स मे पढ़ाई कर रहा था । वहा मेरे दो जिगरजान दोस्त थे । और शहर मे मेने और मेरी माँ ने मिल के एक दुकान डाली थी जो धीमे धीमे एक सुपर मार्केट टाइप के स्टोर मे बदल गई थी । हम दोनों मा बेटे खुश थे । पर किस्मत शायद कुछ और ही चाहती थी । और 5 साल के बाद फिर से मेरा भूतकाल मुजे ढूंढते हुए मेरे तक पहुच गया । मेरा पास्ट मतलं राम स्वामी । मेने शहर छोड़ते वक्त बोला था उनसे की मेरे पापा आज मेरे साथ नहीं है । उसके जीममदार बस वो ही है । और 5 साल बाद वो फिर से मेरे सामने आने वाले थे । "
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