पिछले चेपटर मे देखा की कबीर के पापा को गए हुए दो हपते हो चुके है पर उनकी तीन दिनों से कोई खबर नहीं है । तभी दूसरे दिन राम स्वामी नाम का एक आदमी आके कबीर की माँ को बताता है की कबीर के पापा शेरसिंह एक एजंट थे । और उनको रशिया भेज गया था । ये सब सुन के कबीर की माँ रोने लगती है फिर कबीर उनको शांत करता है । फिर वो आदमी बोलता है की शायद कबीर और उसकी माँ पर हमला हो सकता है तो सेफ़्टी के लिए दोनों को नई पहचान दे कर दूसरे शहर भेजा जाए । तो दूसरे दिन कबीर और उसकी माँ एक्सीडेंट मे मारे गए एसा नाटक किया गया और दोनों को एक छोटे शहर मे भेजा गया । कबीर ने अपना नाम और सरनेम नहीं बदला । और वो वहा पढ़ाई करने लगा । 5 साल बाद वो कॉलेज मे था और उसने और उसकी माँ ने एक छोटी सी दुकान से शुरुआत कर के एक बड़ी सुपर मार्केट जैसी दुकान खोल ली थी । कबीर की जंदगी अच्छी चलाने लगि थी । फिर वर्तमान कबीर बोलता है की 5 साल बाद उसका पास्ट उसके पास आने वाला है । जो राम स्वामी है । अब आगे ।
कबीर कॉलेज मे पढ़ाई कर रहा है । और उसके बाजू मे एक लड़की बैठी हुई है । व कबीर से बोलती है । " हेय कॉलेज के बाद मूवी देखने चलोगे? मेरा प्लान मेरी दोस्त के साथ जाने का था लेकिन वो अब नहीं आ रही है । " कबीर बोलता है । " चुपचाप पढ़ाई पर ध्यान दो । मुजे इन सब मे कोई इन्टरेस्ट नहीं है । मुजे काही भी किसी के साथ नहीं जाना । " वो लड़की चिड जाती और बोलती है । " तुम सिंगल ही रहोगे । " उसको जवाब देते हुए कबीर बोलता है । " और आजाद भी । रिलेशन मे आ जाऊंगा तो उसको वक्त देना पड़ेगा उसके लिए खर्चे करने पड़ेंगे । उससे अच्छा मे सिंगल ही ठीक हु । जब मर्जी चाहे जहा भी जाना चाहु जा सकता हु कोई रोक टॉक नहीं है मुज पर । " और तभी क्लास खत्म होती है । और कबीर अपना बैग भर के वहा से केंटीन चला जाता है । फिर वहा एक लड़की आके कबीर से पूछती है । " काही और जगह नहीं है मे यहा बैठ सकती हु ? " कबीर बोलता है । " हा ठीक है । " और फिर वो लड़की बैठ के अपना काम करने लगती है । फिर कुछ देर बाद कबीर बोलता है । " कोशिश रहने दो मेरा फोन हैक नहीं कर सकती तुम । जूठमूठ का लेपटॉप का चार्जिंग मत जलाओ । " वो लड़की बोलती है । " तुम्हें कैसे पाता की मे तुम्हारा फोन ही हैक कर रही हु । " कबीर बोलता है । " अगर थोड़ा भी दिमाग होता तो तुम गॉगल्स पहन के नहीं बैठती । तुम्हारे गॉगल्स मे लेपटॉप की स्क्रीन दिख रही है । और जिस सॉफ्टवेर से तुम ये कर रही हो उसमे फोन को हैक करने के लिए तुम्हें उस फोन के काफी नजदीक रहना होता है । ऊपर से सिर्फ मे ही यहा हु जिसके पास वो मोबाईल है जिसका मॉडल नेम तुमने अपने लेपटॉप मे टाइप किया है । और एक बात की मेरे पीछे ही एक टेबल खाली है । फिर भी तुम जूठ बोल के यही बैठी । तुम दूर से ही शायद देख रही थी की मेरा ध्यान बुक मे है । और तुमने सोचा की मेरा ध्यान नहीं होगा तो बहाना बना के बैठ जाती हु । " वो लड़की बोलती है । " काफी तेज हो तुम । कोई हेकर हो तुम भी? " कबीर बोलता है । " मे कॉम्प्युटर सायन्स का स्टूडेंट हु । सॉफ्टवेर से खेलता हु मे । " और कबीर उसको एक मुस्कुराहट दे कर वापिस अपनी बुक मे ध्यान देने लगता है ।
फिर गुरु बोलता है । " वैसे तुम मेरा फोन हैक क्यों कर रही थी? " वो लड़की बोलती है । " बस एसे ही । देखना था की कॉलेज के सब सब से बड़े इंट्रोवर्ट के फोन मे कोई लड़की का कॉन्टेक्ट है भी या नहीं । " कबीर हसता है और बोलता है । " मे इंट्रोवर्ट नहीं हु । बस मुजे दिखावा पसंद नहीं है ज्यादा । मुजे अपनी मस्ती मे मस्त रहना पसंद है । अगर दोस्त होते तो उसके साथ रहना पड़ता हर जगह घूमने उन लोगों के साथ जाना पड़ता और तो और मुजे खुद के लिए वक्त निकालने के लिए काफी दिक्कत होती । " वो लड़की बोलती है । " अगर खुद से वक्त मिले तो एक जगह है वहा चलो तुम जैसे लोगों के लिए ही है वो । " कबीर बोलता है । " एसी तो कौन सी जगह है? " वो लड़की बोलती है । " वो एक क्लब के जैसा है जहा सभी लोग तुम्हारे जैसे ही होते है । एक आमिर बाप के बिगड़ेल बच्चे ने एक शॉप खरीद के वहा अड्डा बना दिया कॉलेज स्टूडेंट का जहा तुम जैसे ही काफी लोग होते है । " कबीर बोलता है । " सच कहू तो मेरा मूड नहीं है । " वो लड़की बोलती है । " वहा हैकिंग का काफी सामान होता है शायद तुम्हें कुछ पसंद आ जाए एक बार चल के देख लो । " काफी बोलने के बाद कबीर बोलता है । " ठीक है चलो मे वहा 10 मिनट से ज्यादा नहीं रुकूँगा पहले ही बोल देता हु । " फिर दोनों वहा जाते है । वो शॉप बाहर से अड्डा ही लग रहा था । कबीर देखता है की हर कोई अपनी ही धुन मे होता है कोई ट्रेडिंग मे घुसा हुआ है कोई गेमिंग मे है । कोई बस मस्ती मे जूम रहा है । वो लड़की बोलती है । " यहा वो सब होता है जो तुम्हें चाहिए । " कबीर बोलता है । " इतना बड़ा बिगड़ेल वो है कौन ? " वो लड़की बोलती है । " मेरे साथ चलो वो अंडर ऑफिस मे है उसी से बात कर लो । " और फिर दोनों ऑफिस मे जाते है । जैसे ही कबीर ऑफिस के अंडर जाता है वो लड़की बाहर निकल जाती है और बाहर से दरवाजा बंध कर देती है । कबीर बिल्कुल हैरान नहीं होता । वो बोलता है । " थोड़ा धीरे बंध कर देती तो? ज्यादा जोर लगाया होता तो दरवाजा ही करेक हो जाता । " फिर वहा कुर्सी पर बैठा हुआ आदमी कुर्सी घुमाता है । उसको देख के कबीर हसता है और बोलता है । " सच मे? मुजे तभी समज जाना चाहिए था तब उस लड़की ने मुजे यहा लाने के लिए जिद्द शुरू की । पर लगा नहीं था की 5 साल बाद मुजसे मिलने के लिए आप एसी जगह चुनेंगे । कुछ अच्छी जगह तो चुनते । " वो कुर्सी पर बैठा आदमी और कोई नहीं बल्कि राम स्वामी थे । और उसी ने सब किया था वो अब कबीर से मिलना चाहते थे । तो आखिर अब वो क्या बात करेंगे कबीर से? आप लोग जानते है की क्या बात होगी । पर सवाल ये है की कबीर राम स्वामी की बात अभी माँ जाएगा या उन्हे और कोशिशे करनी होगी? जानिए अगले चेपटर मे ।