नफरत की जंग
मन और क्रोध इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है,
मन हमे सही गलत का एहसास करवाता है और क्रोध हमारे आंखो पर पट्टी बांध देता है, जिसके कारण हम क्रोध में आकर गलत फैंशले ले, लेते है।
नितिन बचपन से ही बहादुर और निडर था लेकिन समय और किस्मत ने उसे इतना कमजोर कर दिया है की दो वक्त की रोटी का भी मौहताज हो गया है।
उसे जुआ की बुरा लत लग चुका था जिसके कारण धीरे,, धीरे नितिन अपना सारा संपति जुआ में हार गया था।
जब नितिन के घर वाले को ये बात पता चला तो उसके पिता जी नितिन को धक्के मारकर घर से बाहर भागते हुए बोले, जब तक तुम मेरे संपति और पैसे वापस नही लाओगे तब तक अपना चेहरा नहीं दिखाना मुझे, दूर हो जाओ मेरे नजरो से नही तो मैं आत्म हत्या कर लूंगा ।
नितिन शर्म से अपना सर नीचे करके घर से बाहर निकल गया और सीधे वाइन शॉप पर जाकर पैक लगाने लगा ।
नितिन अब ऐसे अपराध की दुनिया में कदम रखने जा रहा है जहां नितिन के चारो तरफ पैसे ही पैसे होंगे लेकिन ये कदम नितिन को मौत के दहलीज पर लाकर खड़ा करेगा ।