आर्यन एक सांवला रंग का लड़का है और इसके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहती है छोटे कद का हंसने और रुलाने का शौकीन
आर्यन यह एक अच्छे परिवार का लड़का है वैसे तो इसका परिवार बहुत बड़ा है लेकिन इसके दादाजी जो सात भाई हैं वह सब अलग रहने लगे है
इसके परिवार में 6 सदस्य हैं
दादीजी व दादाजी, पापा और म्ममी,आर्यन और इसका बड़ा भाई अजय आर्यन के परिवार का खर्चा चलाने के लिए इसके पापा और बड़ा भाई जयपुर में काम करते हैं
अजय वही आर्मी की तैयारी करता है और साथ में काम भी करता है
आर्यन के दादाजी खेती संभालते हैं और दादी जी व मम्मी घर काे और जानवरों को संभालती है आर्यन उनके काम में मदद करता है
और अपने गांव के सरकारी विद्यालय में पड़ता है फिलहाल अभी वह 11वीं कक्षा में पढ़ता है उसके साथ ही उसके छोटे दादा जी का लड़का चिंटू की यानी मैं भी उसके साथ पढ़ता हूं और उससे एक महीना बड़ा हू और उसका चाचा लगता हूं हमारे साथ मेरे बड़े पापा की लड़की खुशबू जौ उसकी बुआ लगती हैं वह भी हमारे साथ ही पड़ती है
क्योंकि यह एक बहुत बड़ा परिवार है इसीलिए इसमें चाचा बुआ और भतीजे की उम्र में ज्यादा कोई बड़ा अंतर नहीं है आर्यन को बचपन से ही घूमने का शौक था पर वह बहुत कम जगह ही घुम पाया
आर्यन अभी सिर्फ 15 साल का है आर्यन और मैं एक अच्छे दोस्त हैं हम दोनों ही कुछ से कुछ नहीं छुपाते ......
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आर्यन का छोटा कद होने के कारण वह मुझसे सलाह लेता रहता है कि वह लंबा कैसे हो लेकिन उसके सवाल का जवाब नहीं दे पाता क्योंकि मेरी खुद की लंबाई भी आर्यन की जितनी ही थी बस हम दोनों की लंबाई में उन्नीस-बीस का ही फर्क था हम दोनों ही लंबाई को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान थे
आर्यन मुझसे सारे दिन बेतुकी बातें करता रहता था लेकिन मुझे भी उसकी यह बात सुनने में बहुत मजा आता था
आर्यन रोते हुए को हंसा देता था लेकिन कभी-कभी वह हंसते हुए को रुला देता था
आर्यन अपने बड़ों का आदर करता था इसलिए उसे सब पसंद करते थे आर्यन भी सब का काम करता था किसी से मना नहीं करता था और यही बात उसकी सबको अच्छी लगती थी
लेकिन यह सिलसिला आर्यन की दसवीं कक्षा तक पढ़ने तक ही चलता रहा क्योंकि बाद में उसकी मम्मी उसके उसके मामा जी कै से स्मार्टफोन ले आई बस तब से ही आर्यन ना तो घर का काम करता था और ना ही पड़ता और ना ही मेरे साथ रहता आर्यन की इस आदत की वजह से वह सारे दिन उसकी मम्मी की डांट सुनता और घरवाले भी उसकी इज्जत नहीं करते थे आर्यन और मैं किशोरावस्था में आ जाने के कारण हमारी आवाज बहुत भारी हो गई थी ..................
हमारी आवाज से घरवाले बहुत परेशान थे क्योंकि हमारी आवाज बहुत ज्यादातर करकस थी जो की सुनने में बहुत बुरी लगती थी जब हम बोलते तो कोई ना कोई हमें टोक
देता है कि भाई मत बोल
इस आवाज से हम भी परेशान हो चुके थे क्योंकि हम जब धीरे बोलते तो भी आवाज बहुत तेज निकलती कुछ लोग हमसे कहते धीरे बोलो कितने तेज बोलते हो तुम दोनों हम कहते की धीरे ही तो बोल रहे हैं और कितना धीरे बोले
इनमें सबसे ज्यादा ताने हमें आर्यन की बुआ मनीषा देती थी लेकिन हम कर भी तो क्या सकते थे ..
फिर एक दिन हमने मेरी दादी जी से पूछा कि हमारी आवाज इतनी बुरी और तेज क्यों है ??
दादी जी ने कहा कि इस उम्र में सबकी आवाज ऐसी ही होती है उन्होंने हमें समझाया कि तुम धीरे-धीरे जैसे-जैसे बडे होते जाओगे तुम्हारी आवाज ठीक हो जाएगी फिर हमने कहा कि हमारी लंबाई ....
दादी जी ने कहा कि तुम्हारे लंबाई बढ़ जाएगी अभी तुम छोटे ही तो हो
दादीजीकी यह बात सुनकर मैं और आर्यन फूले नहीं समाए और एक दूसरे की तरफ देख कर हंस पड़े ???????
दी एन्ड