bc

The RA..RA..RA

book_age18+
0
FOLLOW
1K
READ
dark
forced
opposites attract
powerful
brave
mafia
gangster
heir/heiress
bxb
seductive
villain
like
intro-logo
Blurb

Rihan Rajchand is not just a name; he is the rising 'Godfather' of the underworld. Cold, calculated, and dangerously attractive. For him, emotions are a weakness and mercy is a myth. But his world turns upside down when he crosses paths with Vikrant Shekhawat.Vikrant—a billionaire with a dark past and a darker obsession. He doesn’t just want to defeat Rihan; he wants to own him, consume him, and break him down until there's nothing left but surrender.He spent 1500 Crores just to buy Rihan’s hate. He risked his empire just to taste Rihan’s dominance. And now, trapped in a secret farmhouse, the line between hate and lust is blurring.In a world of blood, power, and high-stakes betrayal, will Rihan be the predator or the prey?"You can hate me, you can try to kill me, but you can’t escape the fire I’ve started in your soul, Sweetheart."

chap-preview
Free preview
Ch -1.. The Hunter in My Passenger Seat
शेखावत मेंशन आज रात किसी स्वर्ग से कम नहीं लग रहा था। देश के सबसे बड़े बिजनेस टाइकून में से एक वरुण शेखावत के इकलौते वारिस विक्रांत शेखावत का 27वां जन्मदिन था। पूरे घर को इटैलियन मार्बल और क्रिस्टल झूमरों से सजाया गया था। देश के बड़े-बड़े राजनेता, बिजनेसमैन और अंडरवर्ल्ड के सफेदपोश चेहरे भी वहां मौजूद थे। विक्रांत की माँ, नीलिमा शेखावत, रेशमी साड़ी में लिपटी मेहमानों का स्वागत कर रही थीं। माहौल में महंगे परफ्यूम और पुरानी शराब की महक घुली हुई थी। तभी हॉल की सीढ़ियों से विक्रांत नीचे उतरा। काला सूट, सलीके से संवारे हुए बाल और चेहरे पर वो बेफिक्र मुस्कान जो उसकी सबसे बड़ी ताकत और सबसे घातक हथियार थी। विक्रांत वैसे भी बेहद हैंडसम था पर आज कुछ तो अलग था उसके सलीके में। वरुण शेखावत ने अपने बेटे के कंधे पर हाथ रखा, उनके चेहरे पर गर्व था। "वक्त आ गया है बेटा," वरुण ने धीमी आवाज में कहा। हॉल के बीचों-बीच सात मंजिल का एक बड़ा सा केक रखा था। जैसे ही विक्रांत ने केक कट करने के लिए चाकू हाथ में लिया और लाइट्स धीमी हुईं, अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। मेंशन के ऊंचे कांच के दरवाजे चकनाचूर हो गए। पलक झपकते ही म्यूजिक की जगह चीखों ने ले ली। सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की गूँज सुनाई दी। अफरा-तफरी मच गई। मेहमान जमीन पर लेट गए। तभी धुएं को चीरते हुए एक शक्श अंदर दाखिल हुआ। लंबा, हल्का सांवला पर बेहद हैंडसम और अट्रैक्टिव उसके हाथ में थमी ऑटोमैटिक राइफल अभी भी गोलियां उगल रही थी। वो रिहान रायचंद था—रायचंद साम्राज्य का वो वारिस जिसे लोग मौत का दूसरा नाम कहते थे। रिहान के साथ उसकी गैंग के लोग पूरे हॉल में फैल गए। रिहान सीधे विक्रांत की तरफ बढ़ा। उसकी आँखों में बरसों की नफरत और इंतकाम की आग थी। विक्रांत के बॉडीगार्ड्स ने बंदूकें तानी, तो जवाब में रिहान के लोगों ने भी ट्रिगर पर उंगलियां रख दीं। रिहान चिल्लाया, उसकी आवाज हॉल की दीवारों से टकराई, "मेरी जिंदगी बर्बाद करके यहाँ जश्न मना रहा है तू? तुझे लगा था कि रायचंद खामोश बैठेंगे?" पूरा हॉल इस खौफनाक मंजर को देख सहम गया था। लेकिन विक्रांत? उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। उसने बड़े आराम से चाकू केक के अंदर उतारा, एक छोटा सा टुकड़ा काटा और उसे अपनी उंगली से उठाकर चखा। विक्रांत ने अपनी आँखें मूंद लीं जैसे उस स्वाद का मजा ले रहा हो। फिर उसने रिहान की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए कहा, "टेस्ट करोगे? नहीं? कोई बात नहीं... वैसे काफी स्वीट है, बिल्कुल मेरी जीत की तरह।" रिहान का पारा चढ़ गया। उसने अपनी गन सीधे विक्रांत के माथे पर टिका दी। उसकी उंगली ट्रिगर को भींच रही थी। "मौत तेरे सामने खड़ी है और तुझे मजाक सूझ रहा है? शायद मौत को इतना करीब देखकर तू पागल हो गया है, विक्रांत शेखावत!" विक्रांत की मुस्कान और गहरी हो गई। उसने अपनी गर्दन थोड़ी टेढ़ी की और रिहान की आँखों में देखते हुए धीरे से कहा, "You know dear... मौत विक्की की दोस्त है।" विक्रांत का इशारा मिलते ही ऊपर की गैलरी में छिपे उसके एक आदमी ने चैन काट दी। छत से लटका हुआ भारी-भरकम क्रिस्टल झूमर सीधा रिहान और उसके आदमियों के बीच आ गिरा। कांच के टुकड़े बम के छर्रों की तरह चारों तरफ फैले। एक बार फिर अफरा-तफरी मच गई। तभी बाहर पुलिस के सायरन गूँजने लगे। गाड़ियों की लंबी कतार मेंशन के गेट पर आकर रुकी। गाड़ियों से कमांडो नीचे उतरे और उनके बीच से निकले DGP सतेन्द्र सिन्हा। DGP ने अपने मेगाफोन पर चिल्लाकर कहा, "I don't care about your family history, I just want peace in this city." लेकिन अंदर मंजर बदल चुका था। रिहान ने मौका पाकर विक्रांत की गर्दन दबोची और गन की नोक पर उसे घसीटते हुए पिछले दरवाजे की तरफ ले गया। रिहान को लगा कि वो विक्रांत को किडनैप कर रहा है, लेकिन उसे नहीं पता था कि वो खुद एक जाल में फंस रहा है। जैसे ही वे रिहान की बुलेटप्रूफ कार के पास पहुंचे, रिहान ने उसे अंदर धकेलने की कोशिश की। लेकिन तभी विक्रांत की फुर्ती ने उसे चौंका दिया। विक्रांत ने रिहान का हाथ मरोड़ा और उसे खुद गाड़ी के अंदर घसीट लिया। इससे पहले कि रिहान या उसके साथी कुछ समझ पाते, विक्रांत ने ड्राइवर की सीट संभाली और गाड़ी को पूरी रफ्तार से पिछले गेट की तरफ दौड़ा दिया। गाड़ी की रफ्तार 140 के पार थी। रिहान का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उसने अपनी गन विक्रांत की कनपटी पर टिका दी। उसकी उंगलियां ट्रिगर पर कांप रही थीं, उस बेकाबू नफरत से जो उसके सीने में सुलग रही थी। "तू खुद अपनी मौत के मुँह में जा रहा है, विक्रांत! ये गाड़ी रोक, वरना तेरा भेजा इसी डैशबोर्ड पर बिखरा होगा," रिहान की आवाज़ में भेड़िये जैसी गुर्राहट थी। विक्रांत के चेहरे पर एक डार्क और कातिलाना मुस्कान उभरी। उसने स्टीयरिंग को एक हाथ से ढीला छोड़ा और रिहान की आँखों में देखा। "तो बताओ... कहाँ जाना है? जहाँ तुम कहो, वहीं ये आखिरी सफर खत्म करते हैं।" रिहान ने अपनी पकड़ और सख्त की। "सिर्फ और सिर्फ तेरी कब्र में! आज रायचंद खानदान का इंतकाम पूरा होगा।" विक्रांत खिलखिलाकर हँसा, एक ऐसी हँसी जो खौफनाक भी थी और सेडक्टिव भी। "ओह! तुम तो बड़े सेंटी हो गए स्वीटहार्ट... इतनी नफरत? चलो, मैं तुम्हें एक बहुत हसीन जगह लेकर चलता हूँ। ऐसी जगह जहाँ न ये गोलियां होंगी और न ही ये पुरानी दुश्मनी।" रिहान का माथा ठनका। "कौन सी जगह?" विक्रांत ने गियर बदला और गाड़ी की रफ्तार और बढ़ा दी। उसने रिहान के करीब झुककर मदहोश कर देने वाली आवाज़ में कहा, "मेरे बेडरूम में।" रिहान के सब्र का बांध टूट गया। उसने बिना सोचे ट्रिगर दबाने की कोशिश की, लेकिन विक्रांत इसी पल का इंतजार कर रहा था। जैसे ही रिहान की उंगली हिली, विक्रांत ने स्टीयरिंग को पूरी ताकत से दाईं ओर घुमा दिया। टायर सड़क को चीरते हुए चीख उठे। गाड़ी के अचानक इस तरह घूमने से रिहान अपना संतुलन खो बैठा। उसका हाथ जो गन ताने हुए था, झटके से नीचे गिरा और वो सीधा विक्रांत के ऊपर जा गिरा। दो दुश्मनों के जिस्म एक-दूसरे से टकराए। रिहान की गरम सांसें विक्रांत की गर्दन पर महसूस हो रही थीं। रिहान ने खुद को संभाला और एक जोरदार मुक्का विक्रांत के जबड़े पर जड़ दिया। "तुझे क्या लगा, इस बचकानी हरकत से तू मुझे काबू कर लेगा?" विक्रांत का सिर चकराया, लेकिन उसने पलटकर रिहान की कॉलर पकड़ी और उसे अपनी तरफ खींच लिया। "काबू करना मेरी पुरानी आदत है, रिहान। और तुम्हें तो मैं अपनी उंगलियों पर नचाऊँगा।" दोनों के बीच चलती गाड़ी के अंदर हाथापाई शुरू हो गई। मुक्के, कोहनियां और नफरत से भरे वार—गाड़ी अब बेकाबू होकर हाईवे को छोड़ चुकी थी और दाहिनी तरफ घने जंगलों की ओर बढ़ रही थी। स्टीयरिंग पर अब किसी का कंट्रोल नहीं था। रिहान ने गिरते-पड़ते अपनी गन दोबारा उठाई, लेकिन जैसे ही उसने निशाना साधा, विक्रांत ने एक बार फिर गाड़ी को झटके से घुमाया। इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया। गाड़ी एक बड़े पुराने पेड़ से पूरी ताकत के साथ टकराई। एक जोरदार धमाका हुआ। एयरबैग्स खुल गए और चारों तरफ सिर्फ धुआं और सन्नाटा छा गया। हेडलाइट्स की रोशनी जंगलों के अंधेरे को चीर रही थी, लेकिन गाड़ी के अंदर दोनों बेहोश पड़े थे। कुछ देर बाद, गाड़ी के मलबे से निकलता धुआं बारिश की बूंदों के साथ मिलकर एक अजीब सी धुंध पैदा कर रहा था। रिहान ने अपनी आँखें खोलीं। सिर में जैसे हजारों हथौड़े चल रहे थे और खून की एक पतली लकीर उसकी कनपटी से बहकर कॉलर तक पहुँच रही थी। उसने पास देखा, विक्रांत बेसुध पड़ा था, उसका सिर स्टीयरिंग पर झुका हुआ था। झटके के कारण एयरबैग्स फट चुके थे, पर विक्रांत के चेहरे पर एक अजीब सा सुकून था। रिहान का हाथ कांपते हुए अपनी गन की तरफ बढ़ा, जो डैशबोर्ड के पास गिरी थी। To be continued.......

editor-pick
Dreame-Editor's pick

bc

Unscentable

read
1.7M
bc

He's an Alpha: She doesn't Care

read
635.7K
bc

Claimed by the Biker Giant

read
1.2M
bc

Holiday Hockey Tale: The Icebreaker's Impasse

read
873.4K
bc

A Warrior's Second Chance

read
305.4K
bc

Not just, the Beta

read
312.6K
bc

The Broken Wolf

read
1.0M

Scan code to download app

download_iosApp Store
google icon
Google Play
Facebook