पिछले चेपटर मे देखा की कबीर को जानकी का पूरा नाम पता चलाने पर वो हैरान था । फिर राम स्वामी बताते है की जानकी उनकी ही बेटी है । और जब उसने एजंसी जॉइन की थी उसके बाद उसने पाया की तुम आज भी उसको ढूंढ रहे थे । इस लिए उसने तुमसे मिलना चाहा । फिर कबीर और जानकी आपस मे इमोशनल बाते करने लगते है । और फिर राम स्वामी काम की बात करते है । वो शेरसिंग के लास्ट मिशन के बारे मे बोलते है । की वो अपने खास दोस्त सलीम के साथ इस मिशन पर थे जहा एक कंटेनर को रोकना था जहा बॉम्ब से उस कंटेनर को उड़ाया गया बदकिस्मती से सलीम उस धमाके मे मर गया और उसी रास के बाद शेरसिंह का कोई कॉन्टेक्ट नहीं है । शेरसिंह का किडनैप ही हुआ है । इसकी एक खास पोसीबीलीती है । क्यों की वो आर1 का कोड जानते है । जो न्यूक्लियर बॉम्ब से भी ज्यादा खतरनाक हथियार है । फिर राम स्वामी कबीर से पूछते है की क्या अब वो ईगल को जॉइन करेगा? अब आगे ।
कबीर बोलता है । " इतना खतरनाक हथियार आखिर बनाया ही क्यों गया? और न्यूक्लियर से भी ज्यादा खतरनाक कैसे?" " राम स्वामी बोलते है । " आज से 7 साल पहले हम को प्लूटॉनियम मे एक एक्सपेरिमेंट के दौरान एक चैन रिएक्शन देखने को मिला । और फिर हमने फ्यूजन टेक्निक से एक प्रोसेस ढूंढा । जिसके बाद एक बॉम्ब बनाया गया छोटा सा । और जब उसको टेस्ट किया तो वो इतना ताकतवर था की उसने 100 किलोमीटर तक उसके इंपेक्ट को नापा गया । हमने कुल 10 नमूने तैयार कीये थे जिसको हमने आर1 नाम दिया था । तुम्हारे पापा उस पूरे प्रोजेक्ट को देख रहे थे तो उन्हे कोड पता है । फिर गवर्नमेंट की तरफ से ऑर्डर मिला की तुम्हारे पापा उसके कोड को बदल दे और नया कोड सिर्फ उन्हे ही मालूम होगा । " फिर जानकी बोलती है । " और ये बॉम्ब सिर्फ एक ब्रीफकेस के साइज का है और मेटल डिटेक्टर मे डिटेक्ट भी नहीं होता ये । इस वजह से दुनिया भर के आतंकी सनगठन इसको हाँसील करना चाहेंगे । इनफॉर्मेशन कही से लीक हुई होगी उस वक्त जिस वक्त तुम्हारे पापा गायब हुए थे । " फिर कबीर बोलता है । " मतलब आप लोग ये चाहते है की मे अपने पापा को ढूँढने मे आप लोगों का साथ दु । और उस आर1 को सेफ करू । " राम स्वामी बोलते है । " बिल्कुल सही । हम यही चाहते है । तुम काफी होशियार हो । तुम्हारे पापा ने मुजे तुम्हारे बारे मे सब बताया था । " कबीर बोलता है । " चलो एक बार को माँ लिया की मे जॉइन हो गया ईगल मे । लेकिन उसके बाद क्या? मेरी माँ का क्या होगा? उसके पास मेरे अलावा कोई नहीं है । " राम स्वामी बोलते है । " तुम उनकी चिंता मत करो । उनकी सुरक्षा हमारी जवाबदारी है । " कबीर बोलता है । " और आप लोगों पर मे कैसे भरोसा कर लू? " फिर राम स्वामी जेब मे से एक पेन ड्राइव निकाल के उसमे सेव कीये फ़ोटोज़ स्क्रीन पर लगाते है । जिसमे कबीर के दो साल पहले की एक फ़ोटो थी । उड़से फ़ोटोज़ मे भी कबीर और उनकी माँ के काफी सारे फ़ोटोज़ थे । फिर राम स्वामी लेजर से बेकग्राउंड मे कुछ लोगों के फ़ोटोज़ को पॉइंट करते हुए बोलते है ।
" इसमे तुम देख सकते हो की कुछ लोग है जो काफी सारे फ़ोटोज़ मे तुम्हारे पीछे ही है । इसमे से जो ये लोग है वो सब तुम पर नजर रख रहे थे । और ये लोग तुम लोगों को किडनेप करने आए थे । " ये जान के कबीर हैरान होता है । फिर जानकी कबीर के कंधे पर हाथ रख के बोलती है । " चिंता मत करी माँ के साथ मे भी रहूँगी ना । " फिर कबीर बोलता है । " ठीक है मुजे थोड़ा वक्त चाहिए । " और ये बोल के कबीर जाने लगता है । और जाते जाते वो बोलता है । " जानकी तुम अपने हिसाब से घर पर आ जाना । मुजे कही जाना है । " और कबीर वहा से चला जाता है । फिर जानकी अपने पापा से बोलती है । " क्या लगता है आप को क्या फैसला होगा इसका? " राम स्वामी बोलता है । " कबीर के बारे मे में तुमसे ज्यादा जनता हु बेटा । उसके लिये बचपन से ही सब कुछ उसके माँ बाप है । पापा को ढूँढने के लिए वो पूरी दुनिया तबाह कर सकता है । और अपनी माँ को बचाने के लिए पूरी सेना से भी भीड़ जाएगा जानते हुए की वो मारा जाएगा । वो अंत मे हा ही बोलेगा । " और फिर दूसरी और कबीर नदी किनारे बैठा होता है । वहा वो सोच रहा है की वो क्या करे । अगर पापा को ढूँढने गया तो माँ सेफ है या नहीं उसकी चिंता रहेगी । और पापा को ढूँढने का मौका दोबारा नहीं मिलेगा । वो ये सब ही सोच रहा होता है तभी उसको एक आवाज आती है । " ज्यादा मत सोच वही कर जो तेरा दिल बोल रहा है । " कबीर चोंक जाता है । फिर उसकी नजर दूर जाती है । तो देखता है की दो दोस्त है । एक दोस्त दूसरे दोस्त को खतरनाक डाइव लगाने को बोलता है । डाइव लगाने वाला दोस्त बोलता है । " अरे यार लग जाएगी । " दूसरा दोस्त हिम्मत देते हुए बोलता है । " अरे गीला होने से डरेगा तो तैरना कैसे सीखेगा? कुछ पाने के लिए कुछ तो रिस्क मे डालना होता ही है । तू घर से डांट पड़ेगी इस बात का रिस्क ले कर कूद जा । या तो एक हिम्मत वाला काम करेगा या फिर चोट लगेगी । " वो देख के कबीर को समज आ जाता है की उसको क्या करना चाहिए । वो मन मे ही बोलता है । " मुजे पता है की अब मुजे क्या करना है । " और फिर रात को जब वो घर जाके जानकी के पास ऊपर जाता है । तब जानकी उसको पूछती है । " हेय । आर यू ओके? तुम कहा थे? " कबीर चुपचाप अंडर आके बेड पर बैठ जाता है । फिर वो बोलता है । " मैने फैसला कर लिया है की मुजे क्या करना है । "