पिछले चेपटर मे देखा की राम स्वामी आर1 बॉम्ब के बारे मे बताते है की एक एक्सपेरिमेट मे उस बॉम्ब को बनाने का आइडिया आया था । एक छोटा बमुना टेस्ट किया तो वो काफी घटक साबित हुआ तो उसको बनाना बंध कर दिया पर उस छोड़े बॉम्ब से भी ज्यादा पवरफुल बॉम्ब बन कर तैयार थे । ये बॉम्ब ऐसे थे जो आसानी से पकड़े ना जा सके । और ये एक सूटकेस मे भी फिक्स हो सकते थे । जिसके कोड शेरसिंह के पास है । गवर्नमेंट ने उसको ऑर्डर दिया था की कोड को बदल दे और नया कोड सिर्फ उसको ही पता हो । क्यों की तब वो ही सब से भरोसेमंद आदमी थे । फिर कबीर बोलता है की वो जॉइन कर भी ले तो उसकी माँ का क्या होगा जिस पर राम स्वामी उसको भरोसा दिलवाते है की वो पूरी सिक्योरएटी रखेंगे । और उसके बाद कबीर बोलता है की उसको सोचने के लिए वक्त चाहिए । और वो वहा से चला जाता है । फिर जानकी राम स्वामी से पूछती है की कबीर क्या फैसला लेगा । जिस पर राम स्वामी कहते है की वो हा ही बोलेगा । फिर कबीर एक नदी के किनारे बैठ के सोच रहा होता है और वो दो दोस्तों की बात सुनता है और उसको समज आता है की उसको क्या करना चाहिए । शाम को घर आके जानकी के पास जाता है । और बेड पर बैठ के बोलता है की उसने फैसला कर लिया है । अब आगे ।
जानकी मन मे ही बोलने लगती है । " क्या फैसला किया होगा? जल्दी बोलो कबीर मे चाहती हु तुम मेरे साथ ईगल मे रहो । जल्दी बोलो जल्दी की तुम ईगल जॉइन करोगे । बस एक बार बोलो कसं से तुम्हें मे गले लगा लूँगी । " कबीर आराम से बोलता है । " मे ईगल जॉइन नहीं करूंगा । " ये सुन के जानकी की सारी एक्ससआइटमेंट पर पानी फिर जाता है । लेकिन तभी कबीर बोलता है । " लेकिन मे मेरे पापा को ढूँढने के लिए ईगल के साथ काम करूंगा ईगल का एजंट बन के नहीं । " जानकी इसी बात से खुश थी की वो कबीर के साथ काम करेगी और उस पूरे वक्त मे वो कबीर को प्रपोस कर देगी । वो बोलती है । " ठीक है मे अभी मेरे पापा से बात करती हु । " ये बोल के जानकी अपना फोन लेने जाती है । फिर कुछ याद आता है उसे वो घूम के बोलती है । " अरे हा । किसी ने गुस्से मे आके मेरा फोन ही तोड़ दिया था । कैसे करूंगी अब मे कॉल? " वो ये सब कबीर को सुनाने के लिए बोलती है । फिर कबीर समज जाता है । " ठीक है ये लो मेरा फोन अब ये पापा की पारियों वाली हरकत मत करो तुम पर अच्छी नहीं लगती । " जानकी चिद जाती है और फोन लेते हुए बोलती है । " 5 साल पहले जब मुजसे प्यार करते ठे तब तो मेरी तारीफ ही करते थे । और अब देखो कैसे रुड होके बोल रहे हो । " कबीर बोलता है । " सच कहू तो अभी भी प्यार करता हु और तारीफ करना चाहता हु पर मुजे अजीब लग रहा है इतने साल बाद । पता नहीं तुम्हें अभी भी मुजसे प्यार है भी या नहीं । और अगर है भी तो मुजे डर लग रहा है तो तुम्हारे साथ इस तरह बात कर के खुद को शांत दिखा रहा हु बस । " जानकी कॉल करना एक साइड रख के बोलती है । " ओहो तो तुम्हें लगता है की सिर्फ तुम ही मुजे नहीं भूले हो हह? पता भी है? तुम्हारे मरने की खबर सुन के मैने एक हप्ता खाना नहीं खाया था । फिर पापा ने आके जब सब बताया की तुम जिंदा हो और सेफ हो तब जाके मेने खाना खाया था । इतने साल तुम्हारे लिए राह देखि है मैने और तो और मैने तुम्हारी वजह से ही ईगल को जॉइन किया था । मुजे अंदाजा था की ईगल को जॉइन करूंगी तो तुम्हे एक दिन जरूर मील सकूँगी । "
कबीर बोलता है । " मुजे तुम्हें हग करने का मन कर रहा है । " और जानकी कबीर की बात पूरी हो उससे पहले ही उसको हग कर लेती है । और कबीर शौक हो जाता है । वो ऐसे के ऐसे रहता है । और जानकी खुशी से रोने लगती है । और बोलती है । " कितना तड़पाया तुमने इस एक हग के लिए । " कबीर बोलता है । " सुनो अब शांत हो जाओ और अपने पापा से बात करो । और फिर जानकी अपने पापा को सब बताती है । फिर जानकी कॉल रख के कबीर के बाजू मे बैठ जाती है । और दोनों अब शरमा रहे थे । जानी बोलती है । " तुम्हारा हाथ पकड़ के कंधे पर सर रखू मे? " कबीर बोलता है । " रोमेन्टीक हो रही हो हह? " जानकी बोलती है । " इतने साल तक इटजार किया है इतना तो दिसर्व करती ही हु । " कबीर हस्ते हुए बोलता है । " में पूरा तुम्हारा हु जैसे मर्जी मेरे साथ रहो । " और फिर जानकी कबीर का हाथ पकड़ के उसके कंधे पर सर रखती है और ऐसे ही रहती है । फिर बोलती है । " कितना सुकून मिल रहा है । " फिर कबीर बोलता है । " सुकून मिल गया हो तो चलो अब खाना खा लेते है । मेरी माँ ने सब तैयार कर दिया होगा । " और फिर दोनों नीचे खाना खाने जाते है । वहा कबीर के मन मे पता नहीं क्यों ये सवाल आता है और वो अपनी माँ से बोलता है । " माँ? अगर मे मिलेटरी मे गया तो ? तुम क्या करोगी? " और ये सुन के उसकी माँ खाना खाते हुए रुक जाती है । " कबीर इस सवाल से ये जानने की कोशिश कर रहा था की अगर किसी तरह उसकी माँ को पता चल जाता है की वो ईगल के साथ काम कर रहा है तो उसकी माँ को चिंता होगी की नहीं । तो आखिर क्या जवाब आएगा कबीर की माँ का? जानिए अगले चेपटर मे । "