खंडहर के अंदर की हवा भारी थी और हर तरफ सीलन की महक फैली हुई थी। रिहान की पीठ दीवार से टिकी थी, उसकी सांसें तेज थीं पर आँखों में हार मानने का कोई नामोनिशान नहीं था।
जब उसने देखा कि 20 हथियारबंद गुंडे उसे घेर चुके हैं, तो उसकी रगों में रायचंदों का वो पुराना और खूंखार खून उबल पड़ा।
"तो अब लड़ना ही आखिरी रास्ता है!" रिहान पूरी ताकत से चिल्लाया, उसकी आवाज़ खाली कमरों में गूँज उठी। "आ जाओ सब अंदर! एक-एक को यहीं गाड़ दूँगा, आज यमराज को भी रायचंदों की ताकत का अहसास होगा!"
जैसे ही गुंडे अंदर घुसे, रिहान एक भूखे शेर की तरह उन पर टूट पड़ा। उसने पहले दो आदमियों के सिर आपस में टकराए और उनकी बंदूकें छीन लीं। अगले कुछ मिनटों तक सिर्फ हड्डियों के टूटने और कराहने की आवाज़ें आती रहीं।
रिहान ने 10-12 गुंडों को वहीं मिट्टी में मिला दिया, लेकिन संख्या बल उसके खिलाफ था। बचे हुए गुंडों ने उसे घेर लिया और एक साथ अपनी राइफलें रिहान के सीने पर तान दीं।
"अब तेरा खेल खत्म रिहान! अपने बाप के पास जाने के लिए तैयार हो जा," गुंडों के लीडर ने दांत पीसते हुए कहा और ट्रिगर दबाने ही वाला था।
धांय!
गोली की आवाज़ गूँजी, लेकिन रिहान को कुछ नहीं हुआ। इसके उलट, लीडर के हाथ से गन छिटक कर दूर जा गिरी और वो दर्द से चिल्ला उठा।
अगले ही पल, अंधाधुंध गोलियों की बौछार हुई और रिहान के सामने खड़े सभी गुंडे गाजर-मूली की तरह ढेर हो गए। रिहान सन्न रह गया। उसने पीछे मुड़कर देखा, तो वहां धूल और धुएं के बीच विक्रांत खड़ा था, उसके हाथ में एक स्मोकिंग रिवॉल्वर थी।
विक्रांत ने गन की नली पर हल्के से फूँक मारी और एक कातिलाना मुस्कान के साथ कहा, "मेरी अल्फा क्वीन आज भी उतनी ही बेहतर चलती है... एक गोली और काम तमाम।"
रिहान का गुस्सा एक बार फिर भड़क उठा। उसे अपनी जान बचाने वाले पर एहसान जताने के बजाय उस पर झपटने में ज्यादा दिलचस्पी थी। वह विक्रांत की ओर लपका। "अच्छा हुआ तू खुद ही मेरे सामने आ गया, अब तुझे नहीं छोड़ूँगा!"
लेकिन विक्रांत ने फुर्ती से रिहान को पकड़कर पेट के बल दीवार से सटा दिया। रिहान का चेहरा खुरदरी दीवार पर था और विक्रांत का भारी जिस्म उसके ऊपर। "जान बचाने की अच्छी कीमत चुका रहे हो एहसान फरामोश," विक्रांत ने उसके कान के पास फुसफुसाते हुए कहा।
"छोड़ मुझे!" रिहान छटपटाया, पर विक्रांत की पकड़ फौलादी थी।
"शांति से सुनो रिहान... यहाँ से निकलना है तो मेरी मदद तो चाहिए ही होगी तुम्हें। एक बार यहाँ से सुरक्षित निकल जाओ, फिर तुम बेशक मुझे मार देना। मैं खुद तुम्हें मौका दूँगा।"
रिहान ने कड़वाहट से कहा, "तुझे लगता है मैं तुम जैसे क्रिमिनल पर भरोसा करूँगा?"
विक्रांत धीरे से हँसा, उसकी ठंडी सांसें रिहान की गर्दन को सहला रही थीं। "बात तो सही है, पर... तुम भी मुझसे कम थोड़े ही हो? अंडरवर्ल्ड के गॉडफादर बनने वाले हो, कम से कम अपनी विरासत की तो लाज रखो।"
रिहान ने खुद को ढीला छोड़ा और हार मानते हुए बोला, "ठीक है... लेकिन याद रखना, यहाँ से निकलते ही तुम्हारा सिर काट कर उसे अपने लिविंग रूम में सजाऊंगा।"
विक्रांत की आँखों में एक डार्क चमक आई। "तुम्हारी सोच तो काफी वाइल्ड है। मुझे पसंद आई।" उसने रिहान को छोड़ दिया और तभी बाहर भारी जूतों की आहट और गोलियों की आवाज गूंजने लगे।
विक्रांत ने अपनी गन बेल्ट में खोंसी और बोला, "लगता है वो लोग आ रहे हैं, हमें यहाँ से निकलना होगा।"
रिहान उसे रोकते हुए बोला, "भागने की क्या ज़रूरत है? तुम इस गन से सबको खत्म कर सकते हो। हम रायचंद और शेखावत मिलकर उन्हें धूल चटा सकते हैं।"
विक्रांत ने उसकी आँखों में आँखें डालीं और कहा, "स्वीटहार्ट... इसमें लिमिटेड बुलेट्स थीं और फालतू का खून-खराबा मुझे पसंद नहीं। अब चलो!"
इससे पहले कि रिहान कुछ और कहता, विक्रांत ने उसका हाथ मजबूती से पकड़ा। रिहान ने उसे झटकने की कोशिश की, पर विक्रांत की पकड़ में एक ऐसा अधिकार था जिसे वो चाहकर भी मना नहीं कर पाया। वे उस पुरानी बिल्डिंग के पिछले रास्ते से बाहर निकल गए।
आसमान से गिरती बिजली ने एक पल के लिए घने जंगल को सफेद रोशनी से नहला दिया। मूसलाधार बारिश शुरू हो चुकी थी, जो मिट्टी की सोंधी खुशबू को खून की गंध के साथ मिला रही थी। विक्रांत ने रिहान का हाथ किसी लोहे की जंजीर की तरह जकड़ रखा था।
विक्रांत ने सामने बहती एक उफनती नदी की ओर इशारा करते हुए कहा, "ये नदी वाला रास्ता ही हमारे लिए सही होगा। इसके किनारे चलते हुए हम सीधे हाईवे पर निकल जाएंगे।"
रिहान ने झटके से अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश की, उसकी आँखों में अभी भी शक की चिंगारी थी। "तुम्हें पूरा यकीन है? मुझे तो ये दूसरी तरफ वाला रास्ता ज्यादा सही लग रहा है। कम से कम वहां कीचड़ तो कम है।"
विक्रांत ने रिहान की आँखों में गहराई से देखते हुए कहा, "Trust me... यही सही रास्ता है। और वैसे भी, रिस्क लेना तो तुम्हारी फितरत में होना चाहिए, रायचंद।"
"ठीक है, चलो!" रिहान ने कड़वाहट से कहा। दोनों उस ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर बढ़ चले। फिसलन भरी जमीन और कांटों भरी झाड़ियों को पार करते हुए जैसे ही वे हाईवे के किनारे पहुंचे, अचानक दर्जनों गाड़ियों की हेडलाइट्स ने उनके चेहरे को अंधा कर दिया। टायर चीखने की आवाज़ों के साथ ब्लैक मर्सिडीज ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
गाड़ियों से काले कपड़े पहने हथियारबंद लोग बाहर निकले। उनमें से एक करीब 45-50 साल का अधेड़ उम्र का आदमी, जो काफी सधा हुआ और प्रोफेशनल लग रहा था, विक्रांत के सामने आया और सम्मान में सिर झुकाते हुए बोला, "Situation control में है सर। आपको अब घर चलना चाहिए। सब इंतज़ाम हो चुका है।"
विक्रांत ने रिहान की तरफ गर्दन मोड़ी और तिरछी नज़र से उसे देखते हुए फुसफुसाया, "So sweetheart... हम घर पहुँचने वाले हैं। तैयार हो ना?"
रिहान ने कोई जवाब नहीं दिया, उसकी खामोशी में एक खौफनाक तूफान छिपा था। जैसे ही वे गाड़ी में बैठे, रिहान ने अपनी भारी आवाज़ में पूछा, "तुम्हें अपना वादा याद है ना विक्रांत? तुमने कहा था कि यहाँ से निकलने के बाद तुम मुझे मौका दोगे।"
विक्रांत ने बड़ी मासूमियत से अपनी भौहें सिकाेड़ीं। "कौन सा वादा? मैंने तो बहुत सी बातें की थीं।"
रिहान के चेहरे का रंग उड़ गया, "क्या? मुझे पहले ही समझ जाना चाहिए था कि तुम जैसे धोखेबाज पर भरोसा करना मेरी सबसे बड़ी गलती है।"
"स्वीटहार्ट, तुम बहुत बुरे हो," विक्रांत ने अपनी सीट पर आराम से पीछे झुकते हुए कहा। "मैंने तुम्हारी जान बचाई, तुम्हें उन भेड़ियों के मुँह से बाहर निकाला और तुम अब भी मुझे मारना चाहते हो?"
"हाँ! और अपनी आखिरी सांस तक मैं तुम्हें मारना चाहूँगा, शेखावत!" रिहान के स्वर में नफरत का जहर घुला था।
विक्रांत खिलखिलाकर हँसा।
"I like a man who dreams big, Rihan... even if those dreams end in my bed."
तभी हाईवे के अगले मोड़ पर पुलिस की गाड़ियों का एक बड़ा काफिला खड़ा दिखाई दिया। Blue - red लाइट रात के अंधेरे में खतरे का संकेत दे रही थीं।
विक्रांत की गाड़ियाँ रुकीं और DGP ने खुद मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही विक्रांत और रिहान गाड़ी से नीचे उतरे, सभी पुलिस ऑफिसर्स ने अपनी गन रिहान पर तान दीं।
DGP ने अपनी कैप ठीक की और कड़क आवाज़ में बोले, "माफिया गॉडफादर रिहान राय! अब तुम्हारा अंडरवर्ल्ड का सफर खत्म। वैसे भी, अपने पिता की मौत के बाद तुम ही अगले वारिस बनने वाले थे, पर तुम्हारी ये गिरफ्तारी उस पूरे साम्राज्य को जड़ से खत्म कर देगी। Arrest him!"
जैसे ही पुलिस की टीम रिहान की ओर बढ़ी, विक्रांत ने हाथ उठाकर उन्हें बीच में ही रोक दिया।
"रुक जाइए DGP सर! आप शायद कुछ गलत समझ रहे हैं। ये कोई माफिया गॉडफादर नहीं है।"
DGP चौंक गए। "क्या? सर आप ये क्या कह रहे हैं? रिकॉर्ड्स के हिसाब से ये गॉडफादर बनने वाला है और इसने ही आपको किडनैप किया था। यही तो रायचंद साम्राज्य का नया बादशाह है— रिहान रायचंद।
विक्रांत मुस्कुराया और बड़े हक से रिहान के गले में अपना हाथ डाल दिया। रिहान ने उसे झटकना चाहा, पर विक्रांत की पकड़ इस बार चेतावनी दे रही थी।
"सर, आप सही कह रहे हैं, लेकिन अभी ये माफिया गॉडफादर बना नहीं है। और ना ही बनने वाला है। इसने अपना इरादा बदल लिया है। ये अपने बाप जैसी जर्नी नहीं चाहता, बल्कि एक नेक और सही जिंदगी जीना चाहता है। क्यों, है ना रिहान?"
रिहान का गुस्सा सातवें आसमान पर था। "अपनी बकवास बंद करो विक्रांत! मैं—"
इससे पहले कि रिहान अपनी बात पूरी करता, विक्रांत ने उसे अपनी ओर जोर से खींच लिया। "सर, आपको यकीन नहीं हो रहा तो रिकॉर्ड्स देख लीजिए। रिहान ने आज तक अपने हाथों से किसी की जान नहीं ली है और ना ही इसके नाम पर कोई इल्लीगल केस दर्ज है। रहा सवाल किडनैपिंग का, तो इसकी जिम्मेदारी मैं खुद ले लूँगा। ये मेरे साथ मेरे घर जा रहा है।"
DGP ने कुछ देर सोचा, फिर विक्रांत के रसूख को देखते हुए नरम पड़ गए। "सर, मुझे लगता है हमें ऑफिस चलकर बात करनी चाहिए।"
"क्यों नहीं? चलिए ऑफिसर, वहीं बैठकर सारा हिसाब बराबर करते हैं," विक्रांत ने रिहान को अपनी गाड़ी की तरफ धकेलते हुए कहा , "जेल जाना चाहते हो या मेरे साथ मेरे घर? फैसला तुम्हारा है।"
"रिहान ने पुलिस की वैन देखी और फिर विक्रांत की आँखों में छिपी वो काली गहराई। उसे समझ आ गया कि बाहर आज़ादी नहीं, बर्बादी थी... और विक्रांत के साथ? वहां सिर्फ एक खूबसूरत तबाही थी।
रिहान ने दांत पीसते हुए अपना कदम गाड़ी की तरफ बढ़ाया। "जेल ही बेहतर होती शेखावत... क्योंकि तुम्हारे घर में, मैं तुम्हारी जान लिए बिना चैन से नहीं बैठूंगा।"
विक्रांत ने दरवाज़ा बंद किया और एक मखमली आवाज़ में बोला, "I am counting on it, Darling."
To be continued.......